ठेकेदारों से वसूली रिश्वत, मंत्री गिरफ्तार

कोविड-19 खाद्य राहत सामग्री के नाम पर भ्रष्टाचार

नई दिल्ली। इंडोनेशिया में कोविड-19 (कोरोना वायरस) खाद्य राहत की आड़ में शीर्ष स्तर पर भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश में आया है। विवाद गहराने के बाद सामाजिक मामलों के मंत्री जुलियारी बाटुबारा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि मंत्री ने 2 ठेकेदारों से मोटी रिश्वत ली थी। कोरोना वायरस से प्रभावित नागरिकों के लिए खाद्य राहत की व्यवस्था की गई थी। इंडोनेशिया में सामाजिक मामलों के मंत्री जुलियारी बाटुबारा ने खुद को रविवार को भ्रष्टाचार विरोधी शाखा के मुख्यालय में पेश किया। इससे पहले शनिवार को कुछ अफसरों ने स्टिंग ऑपरेशन कर नकदी से भरे सूटकेस, लिफाफा और बैकपैक को जब्त कर लिया था। स्टिंग ऑपरेशन के बाद बाटुबारा का नाम संदिग्ध के तौर पर शामिल किया गया। सामाजिक मामलों के मंत्री बाटुबारा सत्ताधारी डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ स्ट्रगल के सदस्य हैं। इस प्रकरण में जांच दल का कहना है कि मंत्री जुलियारी बाटुबारा के अलावा 2 अन्य नागरिकों पर 4.2 मिलियन डॉलर की रकम की अनाज खरीदारी में घूस लेने का शक है। यह सामग्री कोविड-19 के नाम पर राहत सामग्री पैकेज के तहत वितरित की जानी थी। घूसखोरी में मंत्री के अलावा 2 अन्य संदिग्धों की भी जांच हो रही है। बताया गया है कि बाटुबारा पर खाद्य राहत के प्रोजेक्ट से संबंधित रिश्वतखोरी का आरोप है। मंत्री बाटुबारा ने 2 ठेकेदारों से एक मिलियन डॉलर की रकम हासिल की। दोनों ठेकेदारों को कोरोना वायरस से प्रभावित नागरिकों तक खाद्य पैकेज पहुंचाने के लिए नियुक्त किया गया था। प्रत्येक पैकेज के बदले बाटुबारा 0.71 अमेरिकी डॉलर वसूल करते थे। जांच अधिकारियों का कहना है कि यदि मंत्री पर रिश्वतखोरी का आरोप साबित हो जाता है तो उन्हें 70 हजार अमेरिकी डॉलर और 20 साल की जेल तक की सजा का सामना करना पड़ेगा। गिरफ्तारी के बाद मंत्री बाटुबारा के प्रति जनता में आक्रोश देखने को मिल रहा है।