दहेज की भेंट चढ़ती बेटियां, रुकी नहीं कुप्रथा
लेखक-तनुजा
शिक्षाविद्
(समाजसेवी एवं राजनीतिक चिंतक हैं। राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर लिखती हैं। जनसेविका के रुप में प्रख्यात है।)
देश में दहेज प्रथा पर प्रभावी तरीके...
पाकिस्तान : घर संभल नहीं रहा, चले सरपंच बनने
लेखक : तरुण मिश्र
(समाजसेवी एवं राजनीतिक चिंतक हैं। राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर लिखते हैं। देश-विदेश में आयोजित होने वाले व्याख्यानों में एक प्रखर...
नशे का बढ़ता जाल युवा पीढ़ी का दुश्मन, बड़े कदम की जरूरत
लेखक-तनुजा
शिक्षाविद्
(समाजसेवी एवं राजनीतिक चिंतक हैं। राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर लिखते हैं। जनसेविका के रुप में प्रख्यात है।)
देश में नशे का बढ़ता कारोबार चिंता...
अभिषेक बनर्जी पर जूते-पत्थर क्यों? क्या जनता पूछ रही है 15 साल का हिसाब?
लेखक : तरुण मिश्र
(समाजसेवी एवं राजनीतिक चिंतक हैं। राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर लिखते हैं। देश-विदेश में आयोजित होने वाले व्याख्यानों में एक प्रखर...
कॉकरोच पर बिगोन छिड़किए… फिर खुद समझ जाइए राजनीति का सच
लेखक : तरुण मिश्र
(समाजसेवी एवं राजनीतिक चिंतक हैं। राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर लिखते हैं। देश-विदेश में आयोजित होने वाले व्याख्यानों में एक प्रखर...
बदला वक्त : युद्ध का अंजाम समझ चुकीं दो सुपर पावर
लेखक-तनुजा
शिक्षाविद्
(समाजसेवी एवं राजनीतिक चिंतक हैं। राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर लिखते हैं। जनसेविका के रुप में प्रख्यात है।)
ताकत के दम पर हर बार...
पीठ पर बचपन, रात की सड़कों पर दौड़ती ममता, मेहनत से लिखती तकदीर
लेखक: अभिषेक आनंद
स्वतंत्र पत्रकार
शहर की भागती हुई जि़ंदगी में कुछ दृश्य ऐसे होते हैं, जो केवल आँखों से नहीं बल्कि आत्मा से देखे जाते...
झालमुरी ने किया कमाल, भाजपा ने कर दिया धमाल
लेखक : तरुण मिश्र
(समाजसेवी एवं राजनीतिक चिंतक हैं। राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर लिखते हैं। देश-विदेश में आयोजित होने वाले व्याख्यानों में एक प्रखर...
पश्चिम बंगाल : टीएमसी या भाजपा, कल किसे मिलेगी सत्ता की चाबी
लेखक : तरुण मिश्र
(समाजसेवी एवं राजनीतिक चिंतक हैं। राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर लिखते हैं। देश-विदेश में आयोजित होने वाले व्याख्यानों में एक प्रखर...
दीदी (ममता बनर्जी) की वापसी या दादा (सुवेंदु अधिकारी) का उदय?, 4 को खुलेगा...
लेखक : तरुण मिश्र
(समाजसेवी एवं राजनीतिक चिंतक हैं। राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर लिखते हैं। देश-विदेश में आयोजित होने वाले व्याख्यानों में एक प्रखर...
















