फ्रांस की घटना को लेकर भेजे गए भड़काऊ संदेश
लखनऊ। फ्रांस की घटना के बहाने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में माहौल बिगाडऩे की साजिश बेनकाब हो गई है। एटीएस के इनपुट के आधार पर पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह नफरतभरे संदेश फैलाकर नागरिकों से सोशल मीडिया पर एकजुट होने की अपील कर रहा था। पुलिस ने पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। फ्रांस में विवादित कार्टून को लेकर लखनऊ में भड़काऊ संदेश भेजने और नफरत फैलाने की साजिश को असफल कर दिया गया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान नईम सिद्दीकी के रूप में हुई है। वह शुक्रवार को जुमे के दिन समुदाय विशेष के नागरिकों को एकत्र कर नफरत फैला रहा था। नईम सिद्दीकी की बेटी जैनब सिद्दीकी सीएए और एनआरसी के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन में शामिल रही है। आरोपी नईम सिद्दीकी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस और एटीएस की टीम पहुंची तो काफी हंगामा मचा। जैनब सिद्दीकी ने पिता को पुलिस द्वारा जबरन उठा ले जाने का आरोप भी लगाया था। उधर, लखनऊ सेंट्रल जोन के डीसीपी सोमेन वर्मा ने बताया कि आरोपी नईम सिद्दीकी सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने का काम कर रहा था। वह फ्रांस की घटना पर सोशल मीडिया पर नागरिकों को एकजुट कर नफरत फैला रहा था। शिकायत मिलने पर उसे गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इस प्रकरण में थाना सरोजनी नगर में एफआईआर भी दर्ज कराई है। बता दें कि फ्रांस की घटना को लेकर देश के कुछ हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन देखने को मिले थे। मध्य प्रदेश में भी भीड़ ने एकत्र होकर फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ प्रदर्शन किया था। बाद में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को प्रदर्शनकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाडऩे की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी।

















