हाईटेक चोरी का खेल बेनकाब: धर्मकांटे में चिप लगाकर लाखों का सरिया उड़ाने वाला गिरोह धराया, पुलिस की सख्त कार्रवाई से माफियाओं में दहशत

-स्वाट टीम व वेव सिटी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, सरगना आफताब समेत चार गिरफ्तार
-30 लाख से अधिक का सरिया, तीन ट्रक, इलेक्ट्रॉनिक चिप और फर्जी नंबर प्लेट बरामद
-नोएडा के सरिया माफिया नेटवर्क से जुड़े तार, कई राज्यों में सक्रिय था गिरोह
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। वेव सिटी क्षेत्र में निर्माणाधीन परियोजनाओं के लिए आने वाले सरिए की सुनियोजित चोरी करने वाले संगठित गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। स्वाट टीम क्राइम ब्रांच और थाना वेव सिटी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के सरगना समेत चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 44,550 किलोग्राम सरिया, जिसकी कीमत 30 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है, बरामद किया है। इसके अलावा चोरी में प्रयुक्त तीन 18-टायरा ट्रक, एक ग्रांड विटारा कार, इलेक्ट्रॉनिक चिप, रिमोट उपकरण, फर्जी नंबर प्लेट और अन्य तकनीकी सामान भी जब्त किया गया है। मंगलवार को एडिशनल पुलिस कमिश्नर मुख्यालय एवं अपराध केशव कुमार चौधरी ने डीसीपी सिटी धवल जायसवाल और एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह की मौजूदगी में मामले का खुलासा किया। उन्होंने इस महत्वपूर्ण सफलता के लिए पुलिस टीम को 50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की।
पुलिस के अनुसार 8 फरवरी को थाना वेव सिटी में आदित्य वर्ल्ड सिटी स्थित निर्माणाधीन  ‘आदित्य कुटुम्बकम’ परियोजना से सरिया चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। जांच में सामने आया कि कम्प्यूटरीकृत धर्मकांटे में इलेक्ट्रॉनिक चिप लगाकर वजन में हेराफेरी की जा रही थी, जिससे ट्रकों में भरे सरिए का वास्तविक वजन कम दर्शाया जाता था और लाखों रुपये का माल अवैध रूप से गायब कर दिया जाता था। जांच के दौरान 9 फरवरी को परियोजना से जुड़े कर्मचारी श्रवण को गिरफ्तार किया गया। इसके अगले दिन बाबर मलिक को चोरी के 7800 किलोग्राम सरिया, फर्जी बिल्टी, इलेक्ट्रॉनिक चिप और रिमोट उपकरणों सहित पकड़ा गया। पूछताछ में एक बड़े गिरोह के सक्रिय होने की जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी और मानव खुफिया तंत्र की मदद से कार्रवाई तेज कर दी।
सोमवार को मुखबिर की सूचना पर मेरठ मोड़ से गिरोह के सरगना आफताब उर्फ अफजाल को ग्रांड विटारा कार सहित गिरफ्तार किया गया। उसके पास से दो इलेक्ट्रॉनिक चिप, दस रिमोट, मोबाइल फोन, शोल्डरिंग वायर, टेस्टिंग मशीन और फर्जी दस्तावेज बरामद हुए। उसकी निशानदेही पर लोहियानगर स्थित हमदर्द ग्राउंड के पास खड़े तीन ट्रकों से 44,550 किलोग्राम चोरी का सरिया बरामद किया गया और तीन चालकों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आफताब लंबे समय से ट्रांसपोर्ट और सरिया कारोबार से जुड़ा रहा है। उसने ट्रक क्लीनर के रूप में काम शुरू किया और बाद में ट्रक चालक बना। वर्ष 2018 में वह सरिया चोरी के मामले में जेल गया था। जेल से छूटने के बाद उसने साथियों के साथ सरिया लूट और चोरी की कई घटनाओं को अंजाम दिया।
वर्ष 2022 में उसने धर्मकांटों में इलेक्ट्रॉनिक चिप लगाकर वजन में हेराफेरी करने का तरीका अपनाया, जिससे बिना संदेह पैदा किए बड़े पैमाने पर चोरी संभव हो सकी। पुलिस के अनुसार आफताब नोएडा के सरिया एवं स्क्रैप नेटवर्क से जुड़े राजू उर्फ राजकुमार गुर्जर के साथ मिलकर काम कर रहा था। दोनों साझेदारी में चोरी का सरिया बेचते और मुनाफा बांट लेते थे। गिरोह गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, अलीगढ़, बुलंदशहर तथा उत्तराखंड तक सक्रिय था। गिरफ्तार आरोपियों में आफताब उर्फ अफजाल निवासी डासना, शाहरुख निवासी बुलंदशहर, नईम और वासिद निवासी हापुड़ शामिल हैं। आफताब के खिलाफ विभिन्न थानों में 11 मुकदमे दर्ज हैं और उसे गिरोह का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरोह द्वारा चोरी के धन से जमीन, मकान और भारी वाहनों की खरीद की गई है। इन संपत्तियों की जांच की जा रही है। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों और रिसीवर नेटवर्क की पहचान के लिए पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी उपकरणों का उपयोग कर की जा रही इस तरह की चोरी उद्योग जगत के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। गिरोह की गिरफ्तारी से निर्माण कंपनियों को हो रहे बड़े आर्थिक नुकसान पर रोक लगेगी और अपराधियों में सख्त संदेश जाएगा। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। मामले में आगे की जांच जारी है और उम्मीद है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी जल्द खुलासा होगा।