-कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों ने चित्रों के माध्यम से दिखाई कल्पनाशीलता और संवेदनाएं
-प्रकृति, संस्कृति और सामाजिक विषयों पर आधारित चित्रों ने दर्शकों को किया आकर्षित
-विद्यालय सभागार बना रंगों और सृजनशीलता का जीवंत संसार
-प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को कला के माध्यम से अभिव्यक्ति का दिया संदेश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कविनगर स्थित केडीबी विद्यालय में विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने और कला के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से शनिवार को प्रेरणादायक कला प्रदर्शनी ‘रंग’ का भव्य आयोजन किया गया। विद्यालय के सभागार में आयोजित इस प्रदर्शनी में कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों ने अपनी बनाई हुई चित्रकृतियों का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम ने न केवल विद्यार्थियों की कलात्मक क्षमता को उजागर किया बल्कि उपस्थित अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को भी रचनात्मक अभिव्यक्ति की नई प्रेरणा दी। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य बच्चों को अपनी कल्पनाओं, भावनाओं और विचारों को चित्रकला के माध्यम से व्यक्त करने का अवसर प्रदान करना था। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और लगन के साथ भाग लेते हुए विविध विषयों पर आधारित आकर्षक चित्र प्रस्तुत किए। प्रदर्शनी में प्रकृति के मनमोहक दृश्य, अमूर्त चित्रकला, चारकोल शैली की कलाकृतियां, मंडला डिज़ाइन, भारतीय सांस्कृतिक विषयों पर आधारित चित्र और सामाजिक जागरूकता से जुड़े संदेशात्मक पोस्टर विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। प्रत्येक चित्र विद्यार्थियों की सोच, संवेदनशीलता और रचनात्मक दृष्टिकोण को दर्शा रहा था।
कहीं हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिखाई दिया तो कहीं सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों की झलक देखने को मिली। विद्यार्थियों ने रंगों के सुंदर संयोजन और नवीन विचारों के माध्यम से यह साबित किया कि कला केवल चित्र बनाना नहीं बल्कि भावनाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। विद्यालय सभागार को विशेष रूप से सजाया गया था, जिससे पूरा वातावरण रंगों और उत्साह से सराबोर दिखाई दिया। चित्रों को व्यवस्थित ढंग से प्रदर्शित किया गया ताकि प्रत्येक कलाकृति को उचित महत्व मिल सके। प्रदर्शनी स्थल पर प्रवेश करते ही दर्शकों को एक जीवंत और प्रेरणादायक वातावरण का अनुभव हुआ, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि कला शिक्षा व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कला के माध्यम से विद्यार्थी अपनी भावनाओं को सहज रूप से व्यक्त करना सीखते हैं और उनमें आत्मविश्वास का विकास होता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक क्षमताओं को निरंतर निखारने तथा नई कलात्मक विधाओं को सीखने के लिए प्रेरित किया। प्रदर्शनी के दौरान कला शिक्षक विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते रहे और उनकी मेहनत की सराहना की। शिक्षकों ने बताया कि ऐसी गतिविधियां बच्चों की कल्पनाशक्ति को विकसित करने के साथ-साथ उनमें धैर्य, एकाग्रता और सौंदर्यबोध को भी बढ़ाती हैं। अभिभावकों ने भी विद्यार्थियों की प्रतिभा देखकर प्रसन्नता व्यक्त की और विद्यालय द्वारा दिए जा रहे रचनात्मक अवसरों की सराहना की। प्रदर्शनी देखने पहुंचे आगंतुकों ने चित्रों में प्रयोग किए गए रंग संयोजन, नवीन सोच और विषय चयन की विशेष प्रशंसा की। कई अभिभावकों ने कहा कि बच्चों की कलाकृतियों में परिपक्वता और संवेदनशील दृष्टिकोण स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, जो उनके उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
‘रंग’ कला प्रदर्शनी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए एक यादगार अनुभव बनकर सामने आई। इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि उचित मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर बच्चे अपनी प्रतिभा से अद्भुत सृजन कर सकते हैं। प्रदर्शनी ने न केवल विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को पहचान दिलाई, बल्कि उन्हें अपने विचारों और भावनाओं को सकारात्मक दिशा में अभिव्यक्त करने की प्रेरणा भी प्रदान की। विद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया, ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके और शिक्षा के साथ-साथ कला एवं सृजनशीलता को भी समान महत्व मिल सके।

















