अपनी खाली पड़ी भूमि की तलाश में जुटा जीडीए

उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश ने मातहतों को दिए निर्देश

गाजियाबाद। जीडीए की आवासीय कॉलोनियों में अधिगृहित भूमि के सापेक्ष भूमि-अर्जन से अलग भूमि की खोजबीन तेज की गई है। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश ने बुधवार को सीएटीपी आशीष शिवपुरी, चीफ इंजीनियर विवेकानंद सिंह, अभियंत्रण जोन के प्रभारी/सहायक अभियंता और संपत्ति विभाग के प्रभारियों के साथ बैठक कर इस संबंध में दिशा-निर्देश दिए। उपाध्यक्ष करूणेश ने कहा कि जोनवार भूमि की तलाश की जाए ताकि पता चल सके कि किस योजना में कितनी भूमि खाली पड़ी है। इंदिरापुरम में 13 हेक्टेयर जमीन का पता लगाने के लिए अभियंत्रण जोन-6 के प्रभारी को जिम्मेदारी दी गई है। इसकी जांच ओएसडी सुशील कुमार चौबे को सौंपी गई है। भू-अर्जन, प्रवर्तन अनुभाग के अलावा अभियंत्रण खंड के अभियंताओं को जमीन को तलाशने के लिए लगाया गया है। इंदिरापुरम आवासीय कॉलोनी के लिए जीडीए ने मकनपुर, कनावनी और प्रहलाद गढ़ी गांव की कुल 523.44 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया था। इसमें से अब तक 510.42 हेक्टेयर जमीन को अधिगृहित किया गया। कुल 13.02 हेक्टेयर जमीन का कोई अता-पता नहीं है। इसका सर्वे में पता चला है कि यह जमीन कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा रखी है। इसकी कांबिंग कराई जाएगी। इंदिरापुरम में जीडीए की यह 13 हेक्टेयर जमीन की वर्तमान कीमत करीब 1000 करोड़ बताई गई है। जमीन का मिलना तय है। इसको बेचने के लिए विशेष नीलामी का आयोजन होगा। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश ने बताया कि जीडीए के सभी 8 जोन अंतर्गत जीडीए की खाली पड़ी भूमि को तलाश करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा जमीनों पर भू-माफिया का कब्जा तो नहीं है, इसकी रिपोर्ट जल्द बनाकर देने के निर्देश दिए गए हैं। जहां भी जीडीए की जमीन है, उस जमीन पर जल्द कब्जा लिया जाएगा। जमीनों पर कब्जा लेने के बाद इन्हें नीलामी में बेचने के लिए रखा जाएगा। वहीं, अवैध निर्माण की मिली शिकायत पर जांच कराई जा रही है। लोनी क्षेत्र में अवैध निर्माण तेजी से बढ़ रहे हैं। जीडीए उपाध्यक्ष ने जीडीए के दूसरे प्रवर्तन खंड के प्रभारियों से जांच कराए जाने के निर्देश जारी किए हैं। पता चला है कि अवैध रूप से कॉलोनी विकसित किए जाने की भी शिकायत मिली है। जीडीए उपाध्यक्ष ने हाल ही में एक सुपरवाइजर समेत 4 को निलंबित किया है। जबकि 2 अवर अभियंताओं के निलंबन की संस्तुति शासन से की गई। उनका कहना है कि इंदिरापुरम योजना में अधिगृहित जमीन से अलग 13 हेक्टेयर जमीन का रिकार्ड नहीं है। जमीन को तलाश करने की जिम्मेदारी ओएसडी भू-अर्जन सुशील कुमार चौबे को सौंपी गई है। जमीन मिलने के बाद इस जमीन को नीलामी में बेचा जाएगा। आय बढ़ाने के लिए खाली पड़ी संपत्तियों को बेचा जा रहा है। अवैध निर्माण की शिकायत पर जांच के निर्देश दिए गए हैं। जीडीए की मधुबन-बापूधाम योजना के अलावा इंदिरापुरम, कौशांबी, वैशाली, कोयल एंक्लेव, इंद्रप्रस्थ के अलावा कविनगर, शास्त्रीनगर, गोविंदपुरम, विजय नगर प्रताप विहार आदि कॉलोनियों में अब जोनवार जमीनों की खोज की जाएगी।