चला रेरा का हंटर, गाजियाबाद के 3 आवासीय प्रोजेक्ट कैंसिल, लेन-देन रोकने को फ्रीज किए बैंक खाते

ग्रेटर नोएडा। परेशान आवंटियों को राहत दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश रेरा निरंतर काम कर रहा है। बिल्डरों की मनमानी पर रोक लगाने में रेरा सफल होता दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में यूपी रेरा ने अब गाजियाबाद के तीन प्रोजेक्ट का पंजीकरण निरस्त कर दिया है। इन प्रोजेक्ट्स से जुड़ा लेन-देन रोकने को बैंक खातों  को भी फ्रीज करने का आदेश दिया गया है। रेरा के इस कदम से रियल एस्टेट में एकाएक खलबली मच गई है। यूपी रेरा द्वारा अंतरिक्ष संस्कृति फेज-2, अंतरिक्ष संस्कृति फेज-3 एवं रक्षा विज्ञान संस्कृति फेज-2 का पंजीकरण निरस्त किया गया है।

यही नहीं रेरा ने इन प्रोजेक्ट्स के प्रमोट्र्स मैसर्स अंतरिक्ष रियलटेक प्रा.लि. तथा रक्षा विज्ञान कर्मचारी सहकारी आवास समिति लि. के बैंक खातों को फ्रीज करने का आदेश भी दिया है ताकि इन प्रोजेक्ट्स से जुड़ा कोई लेन-देन ना किया जा सके। इन प्रमोटर्स को डिफॉल्टर सूची में डाला गया है। रेरा के अन्य कार्यालयों को भी इस कार्रवाई से अवगत करा दिया गया है। मैसर्स अंतरिक्ष रियलटेक प्रालि की दो परियोजनाओं अंतरिक्ष संस्कृति फेज-2 व अंतरिक्ष संस्कृति फेज-3 एवं रक्षा विज्ञान कर्मचारी सहकारी आवास समिति लि की रक्षा विज्ञान संस्कृति फेज-2 के आवंटियों ने रेरा में शिकायत दर्ज कराई थी।

इन परियोजनाओं में 1475 खरीदार हैं। शिकायत में कहा था कि बिल्डर अनुबन्ध का पालन नहीं कर रहा है। तीनों परियोजनाएं 2015 में शुरू हुई थीं। इनको जुलाई 2022 से जून 2023 तक पूरा करना है। रेरा ने इन परियोजनाओं का स्थलीय सत्यापन कराया। उसके अनुसार, अंतरिक्ष संस्कृति फेज-2 का 40 प्रतिशत एवं अंतरिक्ष संस्कृति फेज-3 का 30 प्रतिशत निर्माण हुआ है। रक्षा विज्ञान संस्कृति फेज-2 में अब तक निर्माण शुरू नहीं हुआ। इनका निर्माण कार्य कई वर्षों से बंद है। इन परियोजनाओं के पूरा होने की सम्भावना नहीं है। प्रोमोटरों द्वारा रेरा को दिए गए स्पष्टीकरण में कोई आश्वासन या परियोजना पूरा करने की कोई कार्य योजना नहीं दी गई है।