श्रम विभाग ने महिला श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति किया जागरूक

गाजियाबाद। किसी भी राष्ट्र के निर्माण में श्रमिकों का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रत्येक श्रमिक चाहे महिला हो या पुरूष संविधान के द्वारा बराबरी का अधिकार दिया गया है। दोनों को एक जैसे कार्य के लिए समान वेतन मजदूरी का भुगतान दिए जाने का प्रावधान किया गया है, जिसके अनुसार वेतन न मिलने पर श्रम कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है। शुक्रवार को श्रम विभाग द्वारा महिला सशक्तीकरण को लेकर महम्मदपुर में ओम भठ्ठे पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उपश्रमायुक्त राजेश मिश्रा ने महिलाओं को उद्योगों में काम करने के दौरान मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी।

विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में राजेश मिश्रा ने कहा कि शासन द्वारा महिला कल्याण से संबंधित कई योजनाएं चल रही है। इनमें ज्योतिबा फूले कन्यादान योजना, मृतक अत्येष्ठि सहायता योजना, राजा हरिश्चंद्र मृतक आश्रित सहायता योजना एवं डा. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक शिक्षा सहायता योजना चलाई जा रही है। यही नहीं महिलाओंं के हित में अनेक समान मजदूरी देने की योजना शासन की है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए कार्यस्थल पर लैगिग उत्पीडऩ अधिनियम 2013 एवं मृतका हितलाभ लागू है। इनका पालन उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में होता है या नहीं इसका विभाग समय समय पर निरीक्षण करता रहता है। श्रम विभाग की योजनाओं का श्रमिकों को अधिक से अधिक लाभ मिले, उसके लिए संबधित अधिकारी अधिक से अधिक श्रमिकों का श्रम विभाग में पंजीकृत करने के निर्र्देश दिए। पंजीयन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और कोई भी पात्र लाभार्थी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित न रहने पाए। कार्यक्रम में भठ्ठा एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राम किशोर अग्रवाल, देवीदास मित्तल, डा. पवन सिंघल, मो. शादाब अहमद, अरविंद अग्रवाल सहित श्रम प्रवर्तन अधिकारी राजबहादुर मौजूद थे।