-महामाया स्टेडियम फ्लाईओवर के पास कार में चल रही थी लिंग जांच और गर्भपात की तैयारी, संयुक्त टीम ने दबोचा
-पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, उपकरण और नकदी बरामद, मुख्य आरोपी पहले भी इसी मामले में जा चुका है जेल
-कन्या भ्रूण हत्या जैसे अपराध किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं, पूरे नेटवर्क की होगी जांच: उपासना पाण्डेय
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कन्या भ्रूण हत्या जैसी गंभीर सामाजिक बुराई के खिलाफ पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली नगर पुलिस, स्वाट टीम, सर्विलांस टीम, चिकित्सक दल और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई में अवैध भ्रूण लिंग जांच और अवैध गर्भपात कराने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, उससे जुड़े उपकरण, नकदी और कार बरामद की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी मोबाइल अल्ट्रासाउंड मशीन के जरिए गुप्त स्थानों पर भ्रूण का लिंग परीक्षण कर अवैध गर्भपात कराने की तैयारी में थे। रविवार को घंटाघर कोतवाली में घटना का खुलासा करते हुए एसीपी कोतवाली उपासना पाण्डेय ने बताया शनिवार को संयुक्त टीम क्षेत्र में पुलिस संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि महामाया स्टेडियम फ्लाईओवर के पास एक अर्टिगा कार में कुछ लोग अवैध भ्रूण लिंग जांच और गर्भपात कराने के उद्देश्य से एक महिला का इंतजार कर रहे हैं। सूचना मिलते ही चिकित्सक दल और पुलिस ने मौके पर घेराबंदी कर कार को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर वाहन के भीतर एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, प्रोब जेल तथा वाहन से मशीन को बिजली आपूर्ति देने वाला उपकरण मिला। चारों आरोपियों की तलाशी में 20 हजार रुपये नकद भी बरामद हुए।
पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान बागपत निवासी संदीप, बुलंदशहर निवासी तस्लीम उर्फ साहिल राणा, हापुड़ निवासी सलमान और गाजियाबाद के नूरनगर निवासी साहिद अहमद के रूप में बताई। जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी संदीप के खिलाफ पहले भी अवैध भ्रूण लिंग जांच से संबंधित मुकदमा दर्ज है और वह पहले भी इसी प्रकार के अपराध में जेल जा चुका है। इसके बावजूद वह दोबारा इस अवैध कारोबार में सक्रिय हो गया। उन्होंने बताया यह गिरोह लंबे समय से गुप्त तरीके से भ्रूण का लिंग परीक्षण कर मोटी रकम वसूलता था। संदेह है कि इसके तार आसपास के जनपदों तक फैले हो सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, अवैध गर्भपात कराने वाले चिकित्सकों और दलालों की भी तलाश कर रही है। बरामद उपकरणों और आरोपियों के मोबाइल फोन की भी गहन जांच कराई जाएगी, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के अलावा पूर्व गर्भाधान एवं प्रसव पूर्व नैदानिक तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम-1994 तथा राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बरामद पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, वाहन और अन्य उपकरणों को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। एसीपी कोतवाली उपासना पाण्डेय ने बताया कि मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर चिकित्सक दल, राजस्व विभाग, स्वाट टीम, सर्विलांस टीम और कोतवाली नगर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस गिरोह का पर्दाफाश किया है। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या और अवैध लिंग जांच समाज के खिलाफ गंभीर अपराध हैं, जिनके कारण बेटियों के अस्तित्व पर खतरा पैदा होता है। ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में गिरोह के संगठित रूप से काम करने के संकेत मिले हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी अब तक कितनी महिलाओं की अवैध लिंग जांच कर चुके हैं और किन-किन स्थानों पर इस तरह की गतिविधियां संचालित कर रहे थे।
यदि जांच में किसी अस्पताल, क्लीनिक, दलाल या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसीपी ने आम नागरिकों से भी अपील की कि यदि कहीं भी अवैध भ्रूण लिंग जांच या कन्या भ्रूण हत्या से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस या स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ अभियान को सफल बनाने के लिए समाज और प्रशासन दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी है तथा इस तरह के अपराधों के विरुद्ध आगे भी लगातार अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाएगी।















