-अस्पताल के बाहर पड़े सर्जिकल दस्तानों को वॉश कर मार्किट में करते थे सप्लाई, तीन गिरफ्तार
गाजियाबाद। कोरोना काल में अगर देखा जाए तो जिसे जो मौका मिल रहा है, उसी मौके को वह आपदा में अवसर ढूंढ ले रहा है। हालाकि पुलिस ने पूर्व में ऑक्सीजन सिलेंडर, रेमेडीज इंजेक्शन की कालाबाजारी का पर्दाफास कर चुकी है। कोरोना संक्रमित होने के बाद मां और बहन की मौत हो गई। जिसके बाद भी दुसरों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहें थे। अस्पतालों के बाहर पड़े सर्जिकल दस्तानों को एकत्र कर उन्हें धोने के बाद पैक कर बाजार में बेचकर दूसरों के जीवन से खिलवाड़ करने वाले 3 शातिरों को ट्रॉनिका सिटी पुलिस ने गिरफ्तार फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इनके पास से 98 कट्टे प्रयोग किए दस्ताने, 60 कट्टे धुले दस्ताने,800 पैकिंग बॉक्स,2 धुलाई मशीन, सुखाने की मशीन, वाशिंग मशीन आदि सामान बरामद किया है। एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने बताया कि कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बुधवार को ट्रॉनिका सिटी थाना प्रभारी निरीक्षक उमेश पंवार ने दारोगा सुशील कुमार, कुलदीप सिंह टीम के साथ मुखबिर की सूचना पर ट्रॉनिका सिटी सेक्टर बी-3 प्लॉट नंबर-सी-41 स्थित फैक्ट्री पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान 3 आरोपी को मौके से गिरफ्तार किया गया।
पकड़े गए आरोपी गुड्डू उर्फ जमीर अहमद पुत्र खुर्शीद अहमद निवासी सुभाष मोहल्ला नॉर्थ गोण्डा नूरलाई गली नंबर-10 भजनपुरा दिल्ली,अजीम अहमद पुत्र जहीर अहमद निवासी सुभाष मोहल्ला भजनपुरा दिल्ली और मोहम्मद परवेज पुत्र मोहम्मद युसूफ निवासी मकान नंबर-1752 गली मरी जुमला चावड़ी बाजार लालकुआं दिल्ली को गिरफ्तार किया गया।इनके खिलाफ ट्रॉनिका सिटी थाने में कई संगीन धाराओं समेत 3 (2) महामारी संसोधन अधिनियम धारा-15 पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन अधिनियम के तह मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया। एसपी ग्रामीण ने बताया कि फैक्ट्री में मिले सभी सर्जिकल दस्तानों और मशीनों को सीज कर दिया गया। ट्रॉनिका सिटी थाना प्रभारी निरीक्षक उमेश पंवार ने बताया कि रात में बंद फैक्ट्री में दस्ताने पैक करने की सूचना मिली थी। पूछताछ में तीनों ने बताया कि यह कार्य पिछले 2 माह से कोरोना संक्रमण के केस बढ़ जाने के बाद से कर रहे थे। सर्जिकल दस्तानों की मार्केट में डिमांड बढ़ जाने के बाद अस्पतालों के बाहर पड़े दस्तानों को एकत्र कर उनकी धुलाई करने के बाद पैक कर बाजार में बेचते थे। यहां पर जयपाल सिंह चौहान की खाली पड़ी फैक्ट्री को किराए पर लिया था। फैक्ट्री में मशीन लगाकर यह कार्य कर रहे थे।अस्पतालों में प्रयोग हो चुके सर्जिकल दस्तानों को एकत्र कर यहां पर लाकर उन्हें धुलाई कर दोबारा से पैक कर बाजार में बेचकर पैसा कमाते थे। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में दस्ताने बरामद किए हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि एक आरोपित की मां और बहन की कोरोना संक्रमण से मौत हो चुकी हंै। इसके बावजूद वह अपने साथियों के साथ मिलकर अन्य लोगों के जीवन से खिलवाड़ करने में लगा है। इस मामले में पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। संभवत: इसमें कई बड़े लोग शामिल होने की संभावना है। पुलिस ने जांच के बाद कई अन्य लोगों के चेहरे सामने आने की संभावना जताई है।















