लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी में खुले देश के सबसे बड़े लुलु मॉल में नमाज पढ़ने पर उभरे विवाद के बीच पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने 4 युवकों को गिरफ्तार किया है। इन युवकों ने कुछ दिन पहले मॉल परिसर में नमाज पढ़ी थी। वायरल वीडियो की जांच-पड़ताल करने पर आरोपियों की पहचान की गई है। उधर, मॉल प्रबंधन का दावा है कि नमाज पढ़ने में मॉल का कोई भी कर्मचारी शामिल नहीं था। लखनऊ के लुलु मॉल में कुछ दिन पहले युवकों के समूह द्वारा नमाज पढ़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वारयल हो गया था। वीडियो वायरल होने के बाद विवाद उभर आया था।

योगी सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार की प्रार्थना व नमाज इत्यादि पर रोक लगा रखी है। कुछ हिंदुवादी संगठनों के तीखे तेवरों के बाद मॉल प्रबंधन को इस मामले में बैकफुट पर आना पढ़ा था। प्रबंधन की तरफ से पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस बीच पुलिस ने मॉल परिसर में नमाज पढ़ने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जांच करने पर इन युवकों की पहचान की गई है। आरोपियों के विरूद्ध पहले से संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज है।
इसके पहले पुलिस ने मॉल परिसर के भीतर हनुमान चालीसा का पाठ करने पर भी दो युवकों को गिरफ्तार किया था। लुलु समूह का मुख्यालय अबू धाबी में है। लखनऊ के शहीद पथ पर इसकी शाखा शुरू की गई है। लुलु समूह का नेतृत्व भारतीय मूल के कारोबारी युसूफ अली एमए करते हैं। उधर, मॉल प्रबंधन ने दावा किया है कि वीडियो में नमाज पढ़ते दिखने वाले युवक उनके स्टाफ के सदस्य नहीं हैं। मॉल प्रबंधन ने पूरे परिसर में इस बात का नोटिस लगा दिया कि मॉल में किसी भी प्रकार की धार्मिक प्रार्थना की अनुमति नहीं होगी।
















