गाजियाबाद। गांव बसंतपुर सैतली विद्यालय में मिशन शक्ति अंर्तगत महिला सुरक्षा एवं जागरूकता के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें नवजात बालिकाओं की माताओं तथा जिन माताओं की केवल एक या दो लड़कियां हैं उन्हें शॉल एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। बच्चों को एसएटी-2 रिपोर्ट कार्ड भी वितरण किया गया। इस कार्यक्रम में परिषदीय विद्यालयों के बच्चों ने महिला सुरक्षा एवं जागरूकता के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में महिला कल्याण अधिकारी नेहा वालिया, सांसद डॉ अनिल अग्रवाल की पुत्रवधू एवं डीपीएस एचआरआईटी डायरेक्टर डॉक्टर वैशाली ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभांरभ किया। सम्मान पाकर महिलाओं के चेहरे खिल उठे। महिलाओं के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी के लिए गांव स्तर पर सूचना देनी चाहिए, तभी महिलाओं को इसका लाभ मिल सकता है। 
ग्राम प्रधान अर्णिमा त्यागी ने बताया कि महोत्सव में उन 40 महिलाओं को सम्मानित किया गया, जिनके सिर्फ बेटियां ही है। महिलाओं से अपनी अपनी पुत्रियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरित किया गया। डॉक्टर वैशाली ने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा भी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई प्रोग्राम चला रखे है। सैकड़ों महिला अपना रोजगार करके परिवार चला रही है। उन्होने बताया कि बेटी पैदा होने पर साढे चार साल केअंदर पांच सौ से अधिक महिलाओं को सम्मानित किया जा चुका है। 
इस मौके पर शिक्षक नेता अनुज त्यागी ने कहा कि बेटा बेटी का फर्क मिटाने के बाद ही सही मायने में मिशन शक्ति की अवधारणा चरितार्थ होगी। आज बेटियां हर क्षेत्र में बेटों से आगे हैं। समाज में आज भी लोग बेटों को अधिक महत्व देते हैं, लेकिन अगर बेटा की तरह बेटियों को भी समान शिक्षा और समान अवसर दिया जाए, तो बेटियां सफलता का परचम लहरा सकती हैं। समाज को अपनी रूढि़वादी सोच बदलनी होगी। इसके लिए हम महिलाओं को सामाजिक वर्जनाओं को तोड़कर अपनी बेटियों को उचित अवसर दिलाने का प्रयास करना होगा। शिक्षित तथा सभ्य समाज का निर्माण तभी होगा, जब बेटियां हर क्षेत्र में बिना किसी भेदभाव के बराबरी का अधिकार प्राप्त कर सके। हर माता पिता को अपनी बेटी को उचित शिक्षा देना चाहिए। तभी बेटियां सफल होकर अपने माता पिता का मान बढ़ाएंगी। इस दौरान रेनू चौधरी, विनिता त्यागी,रश्मि त्यागी, पूनम शर्मा आदि महिलाएं मौजूद थीं।
















