दोस्ती, ईर्ष्या और साजिश का खौफनाक अंत: पैरा चैंपियन चिराग की हत्या में एक और गिरफ्तारी

-मुख्य आरोपी यश को हथियार दिलाने वाला पैरा एथलीट गगन त्यागी गिरफ्तार, तीसरे आरोपी की तलाश जारी
-एशियन गेम्स में चयन और दोस्त की सफलता बनी हत्या की वजह, छह माह पुरानी रंजिश ने ली जान
-हत्या के बाद मृतक के खाते से निकाले लाखों रुपये, विदेश भागने की फिराक में था आरोपी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने वाले पैरा एथलीट चिराग त्यागी की हत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। इस सनसनीखेज हत्याकांड में कोतवाली पुलिस ने मुख्य आरोपी यश खटीक को हथियार उपलब्ध कराने में मदद करने वाले पैरा एथलीट गगन त्यागी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार गगन ने ही यश का संपर्क हथियार उपलब्ध कराने वाले युवक से कराया था। मामले में मुख्य आरोपी यश खटीक पहले ही पुलिस की गिरफ्त में है, जबकि तीसरे आरोपी अभिनव उर्फ अभय की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने एसीपी कोतवाली उपासना पाण्डेय की मौजूदगी में बताया कि जांच में सामने आया है कि इस हत्या की नींव करीब छह महीने पहले पड़ गई थी। एक प्रतियोगिता के दौरान पैरालंपिक कमेटी द्वारा दस्तावेजों में खामियां पाए जाने पर यश खटीक को अयोग्य घोषित कर दिया गया था। प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए यश के दस्तावेज तैयार करने में चिराग त्यागी की भूमिका थी। यश को संदेह था कि चिराग ने जानबूझकर उसके दस्तावेजों में त्रुटियां छोड़ीं, जिसके कारण उसका चयन रद्द हो गया। दूसरी ओर चिराग लगातार सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रहा था। हाल ही में बेंगलुरु में आयोजित इंडियन ओपन इंटरनेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उसने स्वर्ण और रजत पदक जीतकर अक्टूबर 2026 में होने वाले पैरा एशियन गेम्स के लिए अपना स्थान पक्का कर लिया था।

दोस्त की सफलता और खुद के असफल होने की टीस यश के मन में गहराती चली गई और उसने बदले की भावना में हत्या की साजिश रच डाली। पुलिस जांच में पता चला कि यश ने हत्या से कुछ दिन पहले ही गगन त्यागी की मदद से एक अवैध हथियार खरीदा था। हथियार उपलब्ध कराने वाले युवक अभिनव उर्फ अभय तक पहुंचने में गगन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पुलिस का दावा है कि हत्या की पूरी योजना पहले से तैयार थी। पूछताछ में यश ने बताया कि उसने चिराग को फोन कर एशियन गेम्स में चयन होने पर गांव में सम्मान समारोह आयोजित होने की बात कही और मिलने के लिए दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के बाहर बुलाया। वहां से दोनों कैब में सवार होकर गाजियाबाद की ओर निकले। रास्ते में यश ने साईं उपवन चलने का प्रस्ताव रखा। दोनों वहां बने ट्रैक पर पहुंचे, जहां कभी उन्होंने अपने खेल जीवन की शुरुआत की थी। पुलिस के अनुसार उसी ट्रैक पर यश ने चिराग से कहा कि जिस जगह से दोनों का करियर शुरू हुआ था, वहीं उसका अंत भी होगा। इसके बाद उसने पीछे से चिराग के सिर में गोली मार दी और फिर दूसरी गोली उसकी पीठ में दाग दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गोली लगने से मौत की पुष्टि हुई है।

हत्या के बाद आरोपी यश सीधे चिराग के गांव पहुंचा और उसके बैंक खाते से लाखों रुपये निकाल लिए। पुलिस के अनुसार चिराग और यश के बीच गहरी दोस्ती थी तथा चिराग अपने कई बैंकिंग कार्यों में यश पर भरोसा करता था। इसी विश्वास का फायदा उठाते हुए यश ने पहले एक ब्लैंक चेक हासिल किया और बाद में खाते से करीब 3.20 लाख रुपये निकाल लिए। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या से एक दिन पहले भी उसने खाते से एक लाख रुपये निकाले थे। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि गगन त्यागी की गिरफ्तारी के बाद मामले की कई महत्वपूर्ण कडिय़ां जुड़ी हैं। फरार आरोपी अभिनव उर्फ अभय की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि हत्याकांड से जुड़े सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा। चिराग त्यागी की हत्या ने खेल जगत को गहरा झटका दिया है। एक उभरते हुए पैरा एथलीट की सफलता से उपजी ईर्ष्या ने दोस्ती, भरोसे और खेल भावना को शर्मसार करते हुए एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी की जिंदगी छीन ली।