मुंबई राजभवन में जनसेवक तरुण मिश्र की राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा से शिष्टाचार भेंट, जनहित मुद्दों पर हुई सार्थक चर्चा

-राज्य के विकास और सामाजिक सरोकारों पर केंद्रित रही मुलाकात
-जनसेवा को मजबूत बनाने और जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर

उदय भूमि संवाददाता
मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई स्थित लोक भवन में सोमवार को जनसेवक तरुण मिश्र ने राज्य के माननीय राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जिसमें जनसेवा, सामाजिक विकास तथा आमजन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। शिष्टाचार मुलाकात के दौरान जनसेवक तरुण मिश्र ने राज्य में सामाजिक सहभागिता को मजबूत बनाने, जनहित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा समाज के विभिन्न वर्गों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि शासन और समाज के बीच बेहतर संवाद स्थापित होने से विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना संभव हो सकेगा। राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने भी जनसेवा के क्षेत्र में सक्रिय लोगों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि समाज के प्रति समर्पित व्यक्तियों के प्रयास प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होते हैं। उन्होंने जनहित के कार्यों में युवाओं और सामाजिक संगठनों की सहभागिता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

मुलाकात के दौरान सामाजिक समरसता, शिक्षा, युवाओं के कौशल विकास तथा समाज में सकारात्मक वातावरण निर्माण जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि समाज के विकास में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और सामाजिक कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं। जनसेवक तरुण मिश्र ने राज्यपाल को जनहित में चलाए जा रहे विभिन्न सामाजिक अभियानों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों तक सहायता पहुंचाना उनका प्राथमिक उद्देश्य है और इसके लिए वे निरंतर कार्य कर रहे हैं।

इस अवसर पर मुलाकात को सौहार्दपूर्ण और प्रेरणादायी बताते हुए तरुण मिश्र ने राज्यपाल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की संवादात्मक मुलाकातें जनसेवा की दिशा में नई ऊर्जा प्रदान करती हैं और समाजहित में कार्य करने की प्रेरणा देती हैं। राजभवन में आयोजित यह शिष्टाचार भेंट प्रशासन और समाज के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में एक सकारात्मक पहल मानी जा रही है, जिससे जनकल्याण से जुड़े प्रयासों को और गति मिलने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है।