- सेक्टर-50 और 51 के बीच बन रहे आरसीसी नाले में सरिए की गुणवत्ता पर उठे सवाल, नमूने जांच को भेजे गए
- महाप्रबंधक सिविल एसपी सिंह ने तकनीकी ऑडिट सेल की टीम के साथ किया निर्माण कार्यों का निरीक्षण
- जांच रिपोर्ट में गुणवत्ता मानक पूरे नहीं मिले तो ठेकेदार और संबंधित एजेंसी पर होगी कड़ी कार्रवाई
- सेक्टर-51 और 52 मेट्रो स्टेशन के बीच निर्माणाधीन स्काईवॉक का भी अधिकारियों ने लिया जायजा
उदय भूमि संवाददाता
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। इसी नीति के तहत सेक्टर-50 और 51 के बीच निर्माणाधीन आरसीसी नाले में मानकों के अनुरूप सरिया इस्तेमाल नहीं किए जाने का मामला सामने आने पर प्राधिकरण ने संबंधित ठेकेदार के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की है। ठेकेदार का भुगतान रोक दिया गया है, जबकि सरिए के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। साथ ही एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
दरअसल, महाप्रबंधक (सिविल) एसपी सिंह ने तकनीकी ऑडिट सेल की टीम के साथ वर्क सर्कल-3 के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान सेक्टर-51 और 52 मेट्रो स्टेशन के बीच बन रहे स्काईवॉक तथा सेक्टर-50 और 51 के बीच निर्माणाधीन आरसीसी नाले का भी जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को नाले में इस्तेमाल हो रहे सरिए की गुणवत्ता संदिग्ध लगी। इसके बाद मौके से नमूने लेकर परीक्षण के लिए लैब भेज दिए गए। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि सरिया निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता है तो संबंधित ठेकेदार और एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि सार्वजनिक परियोजनाओं में लापरवाही, घटिया सामग्री या मानकों से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनके कार्यभार संभालने के बाद से निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग, औचक निरीक्षण और गुणवत्ता जांच पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी सख्त निगरानी का परिणाम है कि निर्माण कार्यों में गड़बड़ी सामने आते ही बिना किसी देरी के संबंधित एजेंसियों पर कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी गुणवत्ता से समझौता करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।















