- यमुना सिटी में बनेगा हाइपरस्केल डेटा सेंटर, यीडा क्षेत्र में 400 करोड़ का होगा निवेश
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण एरिया में चार कंपनियों को जमीन देने की तैयारी है। इसके लिए अथॉरिटी के सीईओ आरके सिंह व एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने एलओआई जारी कर दिया। कोई कंपनी डेटा सेंटर तो कोई रेडीमेड गारमेंट बनाएगी। कंपनियां करीब 1500 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी। इससे आठ हजार लोगों को रोजगार मिल सकेगा। प्रक्रिया को पूरी करते हुए जमीन आवंटित की जाएगी।
डेटा सेंटर की 7000 सर्वर रैक की होगी क्षमता
उत्तर प्रदेश को डिजिटल और टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करने के प्रदेश सरकार के संकल्प को एक और बड़ी सफलता मिली है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में बी.के. सेल्स कॉर्पोरेशन लगभग 400 करोड़ रुपये के निवेश से एक अत्याधुनिक हाइपरस्केल डेटा सेंटर स्थापित करेगा। गुरुवार को यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बी.के. सेल्स कॉर्पोरेशन को डेटा सेंटर स्थापना हेतु पांच एकड़ भूमि आवंटन के लिए पत्र सौंपा। इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेन्द्र कुमार भाटिया भी उपस्थित रहे। यह परियोजना उत्तर भारत में डिजिटल अवसंरचना को सशक्त बनाने की दिशा में यह परियोजना मील का पत्थर सिद्ध होगी। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का नेतृत्व कैलटेक (कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) के पूर्व छात्र करण गुप्ता करेंगे। यीडा सेक्टर में पांच एकड़ के प्राइम भूखंड पर स्थापित की जा रही यह हाइपरस्केल डेटा सेंटर परियोजना दो अत्याधुनिक डेटा सेंटर भवनों के रूप में विकसित होगी। इसकी कुल नियोजित क्षमता लगभग 7000 सर्वर रैक की होगी। परियोजना में दो चरणों में करीब ₹400 करोड़ का निवेश किया जाएगा तथा पूर्ण संचालन के बाद लगभग 100 योग्य पेशेवरों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। भूमि हस्तांतरण के 18 माह के भीतर व्यावसायिक संचालन प्रारंभ करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह डेटा सेंटर उच्च घनत्व डिजिटल संचालन और तेजी से बढ़ते एआई सेगमेंट को विशेष समर्थन प्रदान करेगा। साथ ही, यह व्यवसायियों, सरकारी संस्थाओं और डिजिटल स्टार्टअप्स को अत्याधुनिक डिजिटल अवसंरचना उपलब्ध कराते हुए क्षेत्र में डेटा स्टोरेज, क्लाउड सेवाओं और एआई आधारित समाधानों के विकास को नई गति देगा। राज्य सरकार की डेटा सेंटर नीति, निवेश-अनुकूल वातावरण और सिंगल विंडो क्लियरेंस प्रणाली के कारण प्रदेश में बड़े निवेशकों का विश्वास लगातार बढ़ा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी’ विजन के अनुरूप यह निवेश प्रदेश को डिजिटल नवाचार के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम है। परियोजना में नवीकरणीय ऊर्जा समाधान, अत्याधुनिक कूलिंग तकनीक और ऊर्जा-कुशल पावर सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। इससे बिजली खपत में कमी और कार्बन फुटप्रिंट घटाने में सहायता मिलेगी। साथ ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की निकटता के कारण परियोजना को अबाधित विद्युत आपूर्ति और विकसित फाइबर नेटवर्क का लाभ प्राप्त होगा।
सिम्प्लास्ट ग्रुप करेगा 70 करोड़ का निवेश
इटली आधारित वैश्विक कंपनी सिम्प्लास्ट ग्रुप ने उत्तर प्रदेश के यीडा क्षेत्र में ₹70 करोड़ के कुल निवेश से ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए उन्नत प्लास्टिक एवं रोटेशनल मोल्डिंग उत्पादों की नई विनिर्माण इकाई स्थापित करने की घोषणा की है, जिसमें 50 प्रतिशत विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) शामिल है। गुरुवार को यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने कंपनी को तीन एकड़ भूमि आवंटन हेतु एलओआई पत्र सौंपा। यह परियोजना भारत-इटली औद्योगिक सहयोग को नई मजबूती प्रदान करते हुए यमुना क्षेत्र को वैश्विक विनिर्माण हब के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। कुल 70 करोड़ के निवेश से प्रदेश में विदेशी पूंजी प्रवाह बढ़ेगा तथा कुशल, अर्द्ध-कुशल एवं अकुशल श्रमिकों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। वहीं आपूर्तिकर्ताओं, लॉजिस्टिक्स, परिवहन और स्थानीय व्यवसायों के माध्यम से बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार भी उत्पन्न होगा। परियोजना के तहत उन्नत यूरोपीय तकनीक का हस्तांतरण, आधुनिक उत्पादन प्रणाली, अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता नियंत्रण मानकों का अनुपालन और स्थानीय कार्यबल को वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी तथा सहायक उद्योगों, एमएसएमई इकाइयों और सप्लाई चेन नेटवर्क को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल मेक इन इंडिया के अनुरूप है और घरेलू के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए उत्पादन कर उत्तर प्रदेश से निर्यात वृद्धि, विदेशी मुद्रा अर्जन और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को सशक्त बनाएगी।
लेडीज़ गारमेंट्स बनाएगी कंपनी
नोएडा बेस मैसर्स साहू एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड अपना विस्तार यमुना सिटी में करेगी। कंपनी सेक्टर-29 में 2.5 एकड़ में अपनी यूनिट लगाएगी। कंपनी यहां आधुनिक लेसवर्क एवं एम्ब्रॉयडरी यूनिट में आधुनिक लेसवर्क यूनिट, अत्याधुनिक कढ़ाई मशीनरी लगाएगी। इसकी कंपनी की ग्रेटर नोएडा में भी इकाई है। कंपनी प्रीमियम लेडीज़ गारमेंट्स का निर्यात यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका में करती है। यहां करीब एक हजार श्रमिकों को रोजगार मिलेगा। कंपनी मुख्य रूप से प्रीमियम लेडीज़ गारमेंट्स का निर्यात यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में करती है। उन्नत एवं आधुनिक मशीनरी से सुसज्जित इसका उत्पादन संयंत्र उच्च गुणवत्ता मानकों और निरंतर उत्कृष्टता सुनिश्चित करता है। भूमि आवंटन के उपरांत कंपनी यीडा में अत्याधुनिक निर्माण सुविधा स्थापित करेगी। जिसमें आधुनिक लेसवर्क एवं एम्ब्रॉयडरी यूनिट में आधुनिक लेसवर्क यूनिट, अत्याधुनिक कढ़ाई मशीनरी स्थापित की जाएगी, जिससे उत्पादन गुणवत्ता और डिजाइन नवाचार को नया आयाम मिलेगा। इस विस्तार से कंपनी की उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और वैश्विक मांग को बेहतर ढंग से पूरा किया जा सकेगा।
50 एकड़ के इंटीग्रेटेड पैकेजिंग हब बनेगा
सिंगापुर मुख्यालय वाली कंपनी यूनिवर्सल सक्सेस इंटरप्राइजेज सिंगापुर की सहायक कंपनी जीएनआईपीएल यमुना सिटी में 50 एकड़ इंटीग्रेटेड पैकेजिंग हब बनाएगी। अथॉरिटी इस कपंनी को सेक्टर-8 डी में जमीन देने की तैयारी की है। कंपनी के यूनिवर्सल पैकेजिंग हब एफएमसीजी, फार्मास्यूटिकल्स, ई-कॉमर्स और औद्योगिक क्षेत्रों के तेजी से बढ़ते घरेलू एवं निर्यात बाजारों की जरूरतों को पूरा करेगा। कंपनी यहां पर 750 करोड़ का निवेश करेगी और छह हजार से से अधिक लोगों को रोजगार देगी। 50 एकड़ भूमि आवंटन के लिए यीडा सीईओ राकेश कुमार सिंह ने लेटर ऑफ इंटेंट दिया। इस अवसर पर एसीईओ शैलेन्द्र कुमार भाटिया, कंपनी के निदेशक प्रशांत मुखर्जी मौजूद रहे। इस भूमि पर अत्याधुनिक, बहु-परियोजना आधारित इंटीग्रेटेड पैकेजिंग कैंपस स्थापित करेगी, जिसका नाम यूनिवर्सल पैकेजिंग हब होगा। यह हब एफएमसीजी, फार्मास्यूटिकल्स, ई-कॉमर्स और औद्योगिक क्षेत्रों के तेजी से बढ़ते घरेलू एवं निर्यात बाजारों की जरूरतों को पूरा करेगा।औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण यह परियोजना यीडा के विश्वस्तरीय औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने और क्षेत्र में वैश्विक निवेश आकर्षित करने के दृष्टिकोण के अनुरूप है।




















