हांगकांग में 9 ड्रैगन्स रेस में दिखेगी भारतीय धमक, कनिष्क करण से उम्मीदें

एशिया की प्रतिष्ठित ट्रेल रनिंग श्रृंखला एशिया ट्रेल मास्टर चैंपियनशिप (एटीएम) में अपने निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। एशियाभर में आयोजित क्वालीफाइंग रेसों के जरिए बेहतर प्रदर्शन करने वाले एथलीट इस वार्षिक चैंपियनशिप खिताब के लिए मैदान में उतरते हैं। इसमें अल्ट्रा-डिस्टेंस और माउंटेन ट्रेल इवेंट्स तकनीकी और शारीरिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण होते हैं। इस बार यहां भारतीय धमक देखने को मिलेगी।

नई दिल्ली। एशिया की प्रतिष्ठित ट्रेल रनिंग श्रृंखला एशिया ट्रेल मास्टर चैंपियनशिप (एटीएम) में अपने निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। एशियाभर में आयोजित क्वालीफाइंग रेसों के जरिए बेहतर प्रदर्शन करने वाले एथलीट इस वार्षिक चैंपियनशिप खिताब के लिए मैदान में उतरते हैं। इसमें अल्ट्रा-डिस्टेंस और माउंटेन ट्रेल इवेंट्स तकनीकी और शारीरिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण होते हैं। इस बार यहां भारतीय धमक देखने को मिलेगी। भारतीय एथलीट कनिष्क करण भी इसमें हिस्सा ले रहे हैं और उनसे बड़ी उम्मीदें हैं।

एशिया ट्रेल मास्टर कैलेंडर की प्रमुख रेसों में से एक हांगकांग में आयोजित 9 ड्रैगन्स है। इसका आयोजन आगामी 28 फरवरी को होगा। यह एक चुनौतीपूर्ण मल्टी-स्टेज ट्रेल इवेंट जिसमें तकनीकी भूभाग पर लंबे दिन शामिल होते हैं और शीर्ष स्थान पर रहने वालों को चैंपियनशिप अंक दिए जाते हैं। इस वर्ष भारतीय एथलीट भी प्रतिभागी हैं। कनिष्क करण एक भारतीय अल्ट्रा-रनर हैं, जिनका ट्रेल रनिंग का अनुभव बढ़ रहा है। उनके पास लंबी दूरी की माउंटेन इवेंट्स में का बड़ा अनुभव है। कनिष्क के पिता राम लाल रेलवे के उच्च पदों पर रहे हैं। वह सेवानिवृत्ति के बाद गुरुग्राम में रहते हैं। वह बताते हैं कि कनिष्क अपने काम के प्रति जुनूनी है। लगातार काम में लगा रहता है। उसका डेडीकेशन ही उसे आगे ले जाता है। उन्होंने अपने बेटे को अग्रिम शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया है।इसके अलावा शास्वत राव को एटीएम समुदाय में एक भारतीय लॉन्ग-अल्ट्रा विशेषज्ञ और ग्रैंडमास्टर स्तर के प्रतियोगी के रूप में जाना जाता है, जो अक्सर एशिया भर में प्रमुख रेसों में भाग लेते हैं।

इस तरह होती है रेस

9 ड्रैगन्स एक मल्टी-स्टेज ट्रेल इवेंट है, जिसमें धावकों को लगातार कई दिनों तक तकनीकी, ऊबड़-खाबड़ और पहाड़ी भूभाग पर लंबी दूरी तय करनी होती है। इस रेस में शीर्ष स्थान हासिल करने वाले एथलीटों को अहम चैंपियनशिप अंक मिलते हैं, जो 2025-26 सीज़न के समग्र विजेता का निर्धारण करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इस वर्ष भारतीय एथलीटों में शाामिल कनिष्क करण जो लंबी दूरी की माउंटेन ट्रेल इवेंट्स में अनुभव रखते हैं, अपनी लगातार बेहतर होती फॉर्म के साथ प्रतिस्पर्धा में उतर रहे हैं। 9 ड्रैगन्स रेस न केवल एशिया ट्रेल मास्टर सीज़न की एक अहम कड़ी है, बल्कि भारतीय ट्रेल रनिंग समुदाय के लिए भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी क्षमता साबित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।