जापान की कंपनी लगाएगी ग्रीन हाइड्रोजन और बायोफ्यूल प्लांट, यमुना सिटी बनेगा हरित ऊर्जा हब

-यीडा क्षेत्र में 10 एकड़ भूमि पर स्थापित होगा अत्याधुनिक हरित ऊर्जा प्लांट
-जापानी प्रतिनिधिमंडल ने किया सेक्टर-10 और सेक्टर-29 का निरीक्षण, औद्योगिक संभावनाओं का लिया जायजा
-निवेश और रोजगार सृजन के लिए जापानी कंपनी ने शीघ्र विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत करने का किया आश्वासन

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। जापान की एक प्रमुख कंपनी यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में ग्रीन हाइड्रोजन बायोफ्यूल प्लांट लगाने की तैयारी में है। यह प्लांट यमुना सिटी में प्रस्तावित है, जिसके लिए करीब 10 एकड़ भूमि की आवश्यकता बताई गई है। यीडा अथॉरिटी ने इसके लिए सेक्टर-10 में भूमि उपलब्ध कराने की तैयारी कर ली है। यह अत्याधुनिक प्लांट वैश्विक हरित ऊर्जा मानकों के अनुरूप ग्रीन हाइड्रोजन और जैव ईंधन का उत्पादन करेगा। इस संबंध में जापान के यामानाशी प्रांत के उप राज्यपाल जुनिची इशिदेरा के नेतृत्व में 12 सदस्यीय जापानी प्रतिनिधिमंडल ने यीडा क्षेत्र का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, नीति सलाहकार और कनादेविया कॉर्पोरेशन के उद्योगपति शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने सेक्टर-10 और सेक्टर-29 का निरीक्षण किया और यमुना सिटी में औद्योगिक संभावनाओं का जायजा लिया।

जुनिची इशिदेरा की चार दिवसीय उत्तर प्रदेश यात्रा का समापन यीडा अथॉरिटी में ब्रीफिंग के साथ हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री सहित राज्य के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई अहम बैठकें हुईं, जिनमें हरित ऊर्जा और विशेष रूप से “ग्रीन हाइड्रोजन” पर फोकस रहा। प्रतिनिधिमंडल ने जैव ईंधन क्षेत्र में निवेश को लेकर गहरी रुचि दिखाई और यीडा क्षेत्र को इस परियोजना के लिए उपयुक्त बताया। ब्रीफिंग में अपर मुख्य सचिव एवं यीडा चेयरमैन आलोक कुमार, अथॉरिटी के सीईओ आरके सिंह, एसीईओ नागेंद्र प्रताप और एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने प्रतिनिधिमंडल को यमुना सिटी के विकास, नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और आसपास विकसित हो रहे औद्योगिक पार्कों की विस्तृत जानकारी दी। यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राकेश कुमार सिंह ने बताया जापान की कंपनी द्वारा यमुना सिटी में ग्रीन हाइड्रोजन और बायोफ्यूल प्लांट लगाने की योजना न केवल क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश को हरित ऊर्जा निवेश का केंद्र बनाने में भी मदद करेगी।

इस परियोजना से नई तकनीकों के साथ-साथ रोजगार सृजन के अवसर भी उत्पन्न होंगे। हम यीडा क्षेत्र में निवेशकों के लिए सभी सुविधाएं और सहयोग सुनिश्चित करेंगे ताकि यह परियोजना समयबद्ध और सुचारु रूप से पूरी हो सके। एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने यीडा क्षेत्र में चल रही और प्रस्तावित विकास परियोजनाओं पर प्रकाश डाला। यीडा चेयरमैन आलोक कुमार ने कहा कि यह दौरा वैश्विक हरित ऊर्जा निवेश के लिए उत्तर प्रदेश की अग्रणी स्थिति को दर्शाता है। दौरे का समापन निवेश की स्पष्ट कार्ययोजना के साथ हुआ। जापानी प्रतिनिधिमंडल ने भूमि आवश्यकता, अनुमानित निवेश और रोजगार सृजन को लेकर विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने की बात कही है।