निठारी कांड : 12वें केस में सुरेंद्र कोली दोषी करार

साक्ष्यों के अभाव में मोनिंदर सिंह पंढेर बरी

गाजियाबाद। बहुचर्चित निठारी कांड के 12वें केस में सीबीआई की विशेष अदालत ने सुरेंद्र कोली को दोषी करार दिया है। मोनिंदर सिंह पंढेर को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है। कोर्ट से दोष सिद्ध करार सुरेंद्र कोली की सजा के बिंदु पर शनिवार को सुनवाई होगी। इस केस में कोठी मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर और नौकर सुरेंद्र कोली पर निठारी की युवती का अपहरण कर दुष्कर्म और हत्या कर शव को छुपाने का आरोप था। सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक जेपी शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को डासना जेल से दोनों अभियुक्त मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंद्र कोली को गाजियाबाद कोर्ट लाया गया। विशेष न्यायाधीश अमित वीर सिंह की कोर्ट ने इस केस में फैसला सुनाया। निठारी से गायब युवती को अगवा कर दुष्कर्म, हत्या और शव छुपाने के मामले में सुरेंद्र कोली को दोषी ठहराया गया और साक्ष्यों के अभाव में मालिक मोनिंदर सिंह पंधेर को बरी कर दिया गया। कोली की सजा पर शनिवार को अदालत में बहस होगी। दोनों अभियुक्त पहले से डासना जेल में सजा काट रहे हैं। 29 दिसंबर 2006 को नोएडा के निठारी में मोनिंदर सिंह पंधेर की कोठी के पीछे नाले में पुलिस को 19 बच्चों और महिलाओं के कंकाल मिले थे। इसके बाद पुलिस ने मोनिंदर सिंह पंधेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया था। दोनों को पूर्व में कई मामलों में सजा हो चुकी है। निठारी कांड के 12वें मामले की सुनवाई सीबीआई की विशेष कोर्ट में 319 दिन चली। दोनों पक्षों की दलीलों और साक्ष्य को देखकर कोर्ट ने सुरेंद्र कोली को दोषी करार दिया है। बता दें कि 12 नवंबर 2006 को निठारी निवासी युवती कोठी की सफाई के लिए घर से निकली थी। इसके बाद वापस घर नहीं लौटी।