तहसील दिवस में समस्या उठने के बाद भी तीन साल से भटक रहा पीडि़त

-रिश्वत लेकर भी कानूनगो नही करा रहे जमीन कब्जामुक्त, जिलाधिकारी से लगाई गुहार

गाजियाबाद। जहां प्रशासन द्वारा दावा किया जाता है कि तहसील दिवस में समस्या उठने पर शिकायतों का शत प्रतिशत समाधान किया जाता है, लेकिन एक व्यक्ति तहसील दिवस में पिछले तीन सालों से अपनी शिकायत को उठाते हुए थक गया है। इस व्यक्ति की समस्या को देखा जाए तो वह पैतृक जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराना चाहता है,लेकिन उसे कोई सुनने वाला नहीं मिल रहा है। पैतृक भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए एक युवक अधिकारियों के चक्कर काट काटकर थक चुका है मगर एसडीएम से लेकर कानूनगो और पटवारी पीडि़त की समस्या का समाधान नही कर रहे हैं। आरोप है कि अधिकारी ने जमीन कब्जा मुक्त कराने के नाम पर 5 हजार की रिश्वत तक पीडित से ले ली गई। लेकिन किंतु फिर भी उसकी जमीन को कब्जा मुक्त नही कराया गया। बल्कि भूमि कब्जा करने वाले आरोपी युवक और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। जिन लोगों के खिलाफ वह आवाज उठा रहा है वह पेशेवर गुंडे है उस पर कई बार प्रहार कर चुके है। पीडि़त ने जिलाधिकारी से न्याय की मांग करते हुए जान माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। जानकारी के अनुसार नवीन त्यागी पुत्र स्व. राधेश्याम त्यागी मोरटा गांव के निवासी है। नवीन त्यागी ने बताया कि उनकी मां जगवती और दो भाईयों के साथ वह गांव में ही अपनी पैतृक भूमि (खसरा नं-732) में खेती कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। उक्त खेत की करीब 750 गज भूमि पर पड़ोस के खेत मालिक ने कब्जा कर लिया है। जिसकी शिकायत उन्होंने एसडीएम से की थी। एसडीएम ने जांच के आदेश देते हुए कानूनगो और लेखपाल को आदेशित किया। बताया जा रहा है कि कानूनगो ओमपाल चौधरी ने जांच के नाम पर उनसे 5 हजार की रिश्वत की मांग की। मना करने पर लेखपाल ओमपाल चौधरी ने जमीन कब्जा मुक्त कराने से इंकार कर दिया। किसी तरह नवीन त्यागी ने पैसों को इंतजाम कर लेखपाल ओमपाल चौधरी को दे दिए। बावजूद इसके आज तक उनकी जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया। नवीन के अनुसार अब लेखपाल ओमपाल का तबादला भी हो गया है और उनकी जगह विपिन ने कानूनगो का पदभार ग्रहण किया है। वह विपिन के चक्कर काट काटकर थक गए है मगर उनकी जमीन से कब्जा नही हट रहा। उन्होंने जिलाधिकारी से जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग करते हुए जान माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।