जान जोखिम में डालकर करते रहे काम, 5 माह से नही मिला वेतन

कोरोना टेस्टिंग में लगाई गई थी 8 एलटी की ड्यूटी

गाजियाबाद। वैश्विक महामारी कोरोना काल में अपनी जान को जोखिम में डालकर लोगों की कोरोना टेस्टिंग करने वाले 8 लैब टैक्नीशियन (एलटी) को पांच महीने से वेतन नहीं मिला है। इन एलटी को टेस्टिंग का दबाव बढऩे और विभाग में एलटी की कमी होने के चलते आउट सोर्सिंग के जरिए हायर किया गया था। पीडि़तों ने इस मामले में डीएम को पत्र लिखकर वेतन दिलाए जाने की मांग की है। जनपद में पिछले वर्ष अप्रैल और मई में कोरोना का प्रकोप तेजी से बढने लगा था। उस दौरान शासन स्तर से जिले में कोरोना टेस्टिंग बढ़ाए जाने के निर्देश दिए थे। प्रतिदिन 2000 से ज्यादा लोगों की जांच की जा रही थी। तब जिले में अपनी आरटी-पीसीआर लैब भी नहीं थी और सभी सैंपल जांच के लिए नोएडा और दिल्ली भेजे जाते थे। ऐसे में विभाग के पास एलटी की कमी हो गई थी और सैंपल को से तीन दिन तक जिले की आईडीएसपी लैब में ही पड़े रहते थे। ऐसे में विभाग ने जुलाई में आउट सोर्सिंग के जरिए एलटी हायर किए थे। जिला एमएमजी अस्पताल में 8 एलटी रखे गए थे। एमएमजी अस्पताल में रखे गए सभी एलटी का आरोप है कि उन्हें 19520 रुपए प्रति माह वेतन शुरूआत में बताया गया था। इसके लिए उन्हें किसी तरह का ना तो ज्वॉइनिंग लेटर दिया गया और ना ही किसी एजेंसी के तहत हायर करने के बारे में बताया गया। डीएम को लिखे पत्र में कहा गया कि उन्हें अगस्त, सितंबर और अक्टूबर का वेतन 10272 रुपए के हिसाब से दिया गया है। जबकि जुलाई, नवंबर, दिसंबर, जनवरी और फरवरी का वेतन अब तक अभी तक नही दिया गया है। डीएम ने इस मामले में सीएमओ से रिपोर्ट मांगी है। अब मार्च माह भी समाप्त हो गया है। लेकिन सीएमए कार्यालय से इस मामले में ना तो डीएम को रिपोर्ट भेजी गई है और ना ही एलटी के वेतन भुगतान के लिए कोई कार्रवाई की गई है।