गाजियाबाद में बारिश भी नहीं रोक सकी विकास की रफ्तार, 300 करोड़ की परियोजनाओं से चमकेगा इंदिरापुरम

-बारिश के बीच खुद मैदान में उतरे नगर आयुक्त; निर्माण और जनसुविधा साथ-साथ रखने के निर्देश
-विकास कार्यों के दौरान नागरिकों को नहीं होनी चाहिए परेशानी: विक्रमादित्य सिंह मलिक
-नालों से हटाए अवरोध, निर्माण स्थलों पर बैरिकेडिंग, घरों और प्रतिष्ठानों तक पहुंच आसान बनाने के लिए डाला गया जीएसबी मटेरियल
-सड़क, नाला, ग्रीन बेल्ट और सीएम ग्रिड परियोजनाओं से 5-6 महीने में बदलेगी इंदिरापुरम की सूरत, जलभराव और अतिक्रमण पर स्थायी समाधान की तैयारी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। इंदिरापुरम को आधुनिक, सुव्यवस्थित और जलभराव मुक्त बनाने के लिए नगर निगम करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से बड़े पैमाने पर विकास कार्यों को गति दे रहा है। लगातार हो रही बारिश के बावजूद निर्माण कार्यों की रफ्तार बनी रहे और नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए बुधवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक स्वयं अधिकारियों की टीम के साथ इंदिरापुरम पहुंचे। उन्होंने निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर मौके पर आवश्यक निर्देश दिए और स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों की गति के साथ-साथ आम नागरिकों की सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा जाए। नगर आयुक्त ने निर्माण विभाग, जलकल, स्वास्थ्य, उद्यान तथा अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ विभिन्न परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन सड़कों, नालों और सीएम ग्रिड परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया तथा बारिश के कारण उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन स्थानों पर निर्माण कार्य चल रहा है वहां सुरक्षा के सभी मानकों का पालन किया जाए और आमजन के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा न आने दी जाए।

बारिश के मौसम को देखते हुए नगर निगम ने निर्माण स्थलों पर विशेष इंतजाम किए हैं। घरों, दुकानों, प्रतिष्ठानों और आवासीय सोसाइटियों के प्रवेश मार्गों पर जीएसबी (ग्रेन्युलर सब-बेस) मटेरियल डलवाकर आवागमन को सुगम बनाया जा रहा है। इसके अलावा सभी निर्माण स्थलों पर अनिवार्य रूप से बैरिकेडिंग कराई गई है, ताकि नागरिक सुरक्षित तरीके से आवाजाही कर सकें। नए बने नालों में जमा मिट्टी और अन्य अवरोधों को हटाने का कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है। जहां आवश्यकता महसूस की जा रही है, वहां अस्थायी अप्रोच रोड भी तैयार कराई जा रही हैं।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य पूरा करना नहीं, बल्कि विकास कार्यों के दौरान भी नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो, यह सुनिश्चित करना है। उन्होंने मुख्य अभियंता नरेंद्र कुमार चौधरी सहित सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश के दौरान प्रत्येक निर्माण स्थल की नियमित निगरानी की जाए और स्थानीय निवासियों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए।

इंदिरापुरम में नगर निगम द्वारा नालों के निर्माण के साथ-साथ उन पर वर्षों से हुए अतिक्रमण को भी हटाया गया है, जिससे भविष्य में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो सके। नगर निगम का दावा है कि अगले पांच से छह महीनों में इंदिरापुरम की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। क्षेत्र में चौड़ी और आधुनिक सड़कें, व्यवस्थित जल निकासी प्रणाली, विकसित ग्रीन बेल्ट और बेहतर आधारभूत सुविधाएं नागरिकों को उपलब्ध होंगी। नगर निगम के अनुसार कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। सीआईएसएफ रोड तथा उससे जुड़े नाला निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं। विजयलक्ष्मी मार्ग पर सड़क और नाला निर्माण का कार्य पूरा हो गया है। कैलाश मानसरोवर मार्ग का सड़क निर्माण भी पूर्ण हो चुका है तथा उससे जुड़ी आंतरिक सड़कें भी तैयार कर दी गई हैं। काला पत्थर से साईं चौक तक सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि वहां नाला निर्माण पूरा हो चुका है। गौर चौक से सुपरटेक तक सड़क निर्माण का कार्य जारी है और नाला निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। विधायक कॉलोनी में सड़क और नाली दोनों का निर्माण पूरा हो चुका है। इसी प्रकार ज्ञानखंड-1, 2 और 3 में नालियों का निर्माण पूरा कर लिया गया है तथा सड़क निर्माण अंतिम चरण में है। वैभव खंड में नाला निर्माण पूरा होने के बाद सड़क निर्माण तेजी से किया जा रहा है।

शिप्रा सनसिटी मुख्य मार्ग तथा अहिंसा खंड में सड़क और नाली निर्माण का कार्य भी पूरा किया जा चुका है। वहीं मुख्यमंत्री ग्रिड योजना के अंतर्गत काला पत्थर मार्ग, शिप्रा सनसिटी बाहरी मार्ग, अनुसूया मार्ग, कावेरी मार्ग और कस्तूरबा गांधी मार्ग पर तेजी से कार्य चल रहा है। इन सभी परियोजनाओं पर सुरक्षा मानकों के तहत बैरिकेडिंग और नागरिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। नगर निगम का कहना है कि निर्माण, जलकल, स्वास्थ्य और उद्यान विभाग के संयुक्त प्रयासों से इंदिरापुरम की वर्षों पुरानी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जा रहा है। नालों पर हुए अतिक्रमण, जलभराव, सीवर ओवरफ्लो, जर्जर सड़कों और स्थायी अतिक्रमण जैसी समस्याओं को समाप्त करने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है।

नगर निगम की टीमें लगातार क्षेत्र में मौजूद रहकर कार्यों की निगरानी कर रही हैं ताकि विकास कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे हो सकें। निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार, महाप्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। नगर आयुक्त ने इंदिरापुरम के निवासियों से भी अपील की कि जनहित में चल रहे इन विकास कार्यों में सहयोग करें, ताकि निर्धारित समय में परियोजनाएं पूरी हों और क्षेत्र को आधुनिक, स्वच्छ, जलभराव मुक्त एवं बेहतर आधारभूत सुविधाओं वाला मॉडल क्षेत्र बनाया जा सके।