-भुगतान के लिए काट रहे अधिकारियों के चक्कर
गाजियाबाद। कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन का सहयोग करने वाले होटलों का अभी तक भुगतान नहीं हो सका है। होटलों का लगभग पौने दो करोड़ रुपए का बकाया है। इसके अलावा क्वारंटीन सेंटर्स पर सीसीटीवी लगाने वाली एजेंसी का भी भुगतान बकाया है। माना जा रहा कि अफसर पैसा डकार गए। अधिकारियों का कहना है कि दोनों फाइलें शासन को भेजी गई हैं। कोरोना संक्रमण काल में स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य स्टाफ को क्वारंटीन करने के लिए जिले में पांच होटलों को हायर किया गया था। इनमें से कुछ होटलों का भुगतान अभी तक नहीं हो सका है। होटल संचालक भुगतान को लेकर प्रशासन और शासन को भी पत्र भेज चुके हैं और जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत कर चुके हैं। इसके बावजूद भुगतान नहीं हो सका है। फिलहाल होटलों को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुक्त कर दिया गया है, लेकिन उनका लगभग पौने दो करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया गया है। इस मामले में अधिकारी भी कुछ कहने को तैयार नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले को प्रशासन के पाले में डाल दिया जाता है और प्रशासन की ओर से इस मामले में स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया जाता है। स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि विभाग के पास भुगतान के लिए बजट नहीं है। होटलों के बकाए की फाइल शासन को भेजी गई है, शासन से बजट मिलने पर उनका भुगतान किया जाएगा। क्वारंटीन सेंटर्स में सीसीटीवी लगाने के मामले में अधिकारी प्रशासन को फाइल भेजने की बात कहते हैं। इस बीच होटल संचालक और सीसीटीवी लगाने वाली एजेंसी के संचालक भुगतान प्राप्त करने के लिए लखनऊ तक की दौड़ लगा रहे हैं।













