हिंडन श्मशान घाट की व्यवस्थाओं को नगर निगम ने कराया दुरूस्त

-बरती जा रही है पूरी सावधानी, पीपीई किट पहन कर कराया जा रहा दाह संस्कार
-कर्मचारियों की लगाई अतिरिक्त ड्यूटी, नगर आयुक्त स्वयं रख रहे हैं व्यवस्था पर नजर

गाजियाबाद। हिंडन मोक्ष स्थली की व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने को लेकर नगर निगम ने कवायद तेज कर दी है। मोक्ष स्थली पर कर्मचारियों की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई है। नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर स्वयं पूरी व्यवस्थाओं पर पूरी नजर रख रहे है और मौके पर जाकर स्थिति का जायजा भी ले रहे हैं। हिंडन मोक्ष स्थली पर सामान्य दिवसों में जिस प्रकार लोगों को अंतिम संस्कार करने में समय लगता है, वर्तमान में भी लगभग उतना समय लग रहा है। चूंकि वर्तमान में कोविड-19 का संक्रमण चल रहा है और श्मशान घाट पर अंतिम संंस्कार पर आने शवों की संख्या बढ गई है। इसलिए कोरोना संक्रमण को फैलने के लिए अतिरिक्त सावधानियां बरती जा रही है।
नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि हिंडन घाट पर शवों के साथ आने वाले लोगों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जा रहा है। एक शव के साथ आने वाले लोगों को एक कतार में सोशल डिस्टेंसिंग कर खड़े कराने की व्यवस्था की गई है। अंतिम संस्कार क्रिया करने वाले शमशान घाट कर्मी पीपीई किट पहन कर दाह संस्कार क्रिया को पूर्ण कराते हैं तथा शव के साथ आने वाले परिजनों द्वारा भी दाह संस्कार क्रिया के दौरान पीपीई किट पहनी जाती है। उन्होने बताया कि हिंडन घाट पर अंतिम संस्कार करने आए लोगों को मास्क एवं सैनेटाइज की व्यवस्था नगर निगम द्वारा की जा रही है। एक शव का अंतिम संस्कार होने के उपरांत व्यक्तियों द्वारा इस्तेमाल की गई पीपीई किट को उतार कर निर्धारित स्थान पर रखे पीले रंग के कोविड डेडिकेटिड डिस्पोजल बॉक्स में डलवा दिया जा रहा है। नगर आयुक्त ने बताया प्रत्येक अंतिम संस्कार होने के उपरांत चिता के आस-पास एवं पीपीई किट वाले स्थानों को उचित प्रकार से सैनेटाईज्ड़ कराया जाता है, जिस कारण देरी होती है। अस्थियां चुनने के लिए एक दिन पूर्व जली चिता के स्थान को खाली नहीं माना जाता है। उपरोक्त कारणों से विलम्ब होता है और लाइन लग जाती है। कुल मिलाकर उपरोक्त व्यवस्थाएं लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर की गई हैं। विलम्ब को कम करने के लिए नगर निगम द्वारा निरंतर कार्यवाही की जा रही है। एक दिन पूर्व विद्युत शव गृह में आई विद्युत बाधा को दूर किया जा चुका है तथा विद्युत शव गृह पर विद्युत विभाग के कर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई है। जन-सामान्य को किसी भी तरह से पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है।