-करोड़ों के बेच चुके रेमडेसिविर इंजेक्शन,न्यूरोलॉजिस्ट समेत तीन गिरफ्तार
गाजियाबाद। एक ओर जहां पूरा देश कोरोना वैश्विक महामारी बिमारी से जूझ रहा है तो वहीं कुछ लोग ऐसे भी है, जो आपदा में अवसर ढूंढकर लाखों-करोड़ो रूपए कमा रहें है। कोरोना संक्रमण के बढ़़ते केस और रेमडेसिविर इंजेक्शन की भारी कमी होने के बाद जिले में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी से करोड़ों रुपए कमाए गए है। घंटाघर कोतवाली प्रभारी संदीप सिंह,स्वाट टीम प्रभारी संजय पांडेय,दारोगा नरेंद्र कुमार,दारोगा संदीप तोमर ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले गिरोह का बेशक भंडाफोड़ कर दिया। मगर गिरोह का सरगना पूर्व में दिल्ली के एम्स में न्यूरोलॉजिस्ट रह चुका डॉक्टर पिछले कई महीनों में करोड़ों रुपए इंजेक्शनों को ब्लैक में बेचकर कमाई कर चुका हैं। पुलिस ने डॉक्टर समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर इनके पास से 70 रेमडेसिविर,दो अक्टेमरा इंजेक्शन,36.10 लाख रुपए एवं स्कॉडा कार बरामद की है। वर्तमान में एम्स में गेस्ट डॉक्टर की तरह जाता है। वह निजामुद्दीन में अपना क्लीनिक चलाता है। पुलिस पूछताछ मेंं बताया कि 35 से 40 हजार रुपए में रेमडेसिविर और 1.50 लाख रुपए में अक्टेमरा इंजेक्शन बेच रहे थे। एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने पत्रकार वार्ता के दौरान गिरोह का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि इन इंजेक्शनों को मजिस्ट्रेट के सामने पेशकर रिलीज करा दिया जाएगा और जरूरतमंदों को उपलब्ध कराया जाएगा। पकड़े गए आरोपित निजामुद्दीन, दिल्ली निवासी डॉ.अल्तमश,कैला भट्टा निवासी कुमैल अकरम,बाड़ा इंदुराव दिल्ली निवासी जाजिब अली हैं। एसपी सिटी ने बताया कि पूछताछ में बताया कि दिल्ली के एम्स अस्पताल के पास एक व्यक्ति से यह इंजेक्शन लेकर गाजियाबाद में बेच रहे थे। डॉ. अल्तमश हयात एक कंपनी में नेशनल सीइओ भी है,जबकि कुमैल अकरम का कपड़े का कारोबार और जाजिब अली फेस मास्क सप्लाई करता है। पिछले करीब 15 दिन से इंजेक्शनों की कालाबाजारी कर रहे थे। इनके पास से बरामद 36.10 लाख रुपए इंजेक्शनों को बेचने के बाद एकत्र किए गए बरामद किए गए। 50 से अधिक लोगों को इंजेक्शन बेच चुके हैं। इंजेक्शन कहां से लाए जाते थे और कौन इन्हें इनकी सप्लाई देता था, इस बारे में पुलिस को कुछ सुराग हाथ लगे है। स्वाट टीम के प्रभारी इंस्पेक्टर संजय पांडेय ने बताया कि आरोपित विभिन्न माध्यमों से जरूरतमंदों को इंजेक्शन की सप्लाई कर रहे थे। इनके बारे में सुराग मिलने पर पुलिस ने जाल बिछाया और अपने कुछ पुलिसकर्मियों को ग्राहक बनाकर आरोपितों से संपर्क कराया। पुलिसकर्मियों से आरोपितों का वाट्सएप पर संपर्क होने के बाद इनसे 38 हजार रुपए के हिसाब से 70 रेमडेसिविर इंजेक्शन की खेप मंगाई गई। इंजेक्शन सप्लाई करने के लिए आए तो पुलिस ने इन्हें दबोच लिया। कोतवाली प्रभारी संदीप सिंह ने बताया कि डॉ.अल्तमश मशहूर न्यूरोलॉजिस्ट हैं। इनके क्लीनिक पर दूर-दराज से लोग उपचार के लिए आते हैं। आरोपित विभिन्न न्यूज चैनल्स पर विशेषज्ञ के रूप में आकर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सलाह भी देता है।इस गिरोह का सरगना प्रख्यात न्यूरो सर्जन मोहम्मद अल्तमश है। पुलिस टीम ने जब डॉ.अल्तमश को पकड़ा तो आरोपी डॉक्टर ने पहले तो अपनी ऊंची पहुंच की धौंस दिखाई। बताया कि देश के तमाम बड़े नेताओं और केंद्र सरकार के मंत्रियों से उसके संबंध हैं, लेकिन जैसे ही पुलिस ने थोड़ी कड़ाई की, आरोपी डॉक्टर की सारी हेकड़ी निकल गई। एसपी सिटी ने बताया कि बुधवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया।















