मानसून से निपटने के लिए कारगर कदम उठा रहा नगर निगम

-नालों की सफाई के लिए अफसर किए गये नामित
-जलभराव प्रभावित 73 चिन्हित, अलग-अलग श्रेणियों में बांटे गये नाले

गाजियाबाद। मानसून से पूर्व जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम पूरी तरीके से रणनीति बनाकर काम कर रहा है। नगर निगम द्वारा शहर के ऐसे चयनित 73 स्थान जहां पर जलभराव की गंभीर समस्याएं रहती थी, उन स्थानों पर मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति न हो, नगरायुक्त द्वारा प्रत्येक स्थान पर अधिकारियों को नामित किया गया है। 73 स्थानों पर जोन वार एसएफआई द्वारा कार्यवाही की जाएगी। साथ जलकल तथा निर्माण विभाग से अवर अभियंता प्रतिदिन कार्यवाही रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे, जिनमें कपिल, आश कुमार, योगेंद्र कुमार, ओम प्रकाश, योगेश कुमार, संजय गंगवार, अजय कुमार, सोमेंद्र, गणेशी लाल, पूजा सिंह, एसके सरोज, शशिकांत राणा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी प्रकार 500 से अधिक नालो पर श्रेणी अनुसार सफाई निरीक्षक, सफाईनायकों के साथ-साथ अधिकारियों को भी नामित किया गया है। रेड श्रेणी में 27 नालों को लिया गया है। इस श्रेणी के अंतर्गत उन नालों को सम्मिलित किया गया है, जहां सफाई की ज्यादा आवश्यकता है तथा नालों में गंदगी ज्यादा है। इन नालों के लिए निविदा के आधार पर कार्यवाही की जा रही है। निविदा प्रक्रिया के अनुसार ठेकेदार द्वारा नालों को साफ किया जाएगा। नालों की सफाई की प्रतिदिन कार्यवाही रिपोर्ट हेतु नगरायुक्त द्वारा अधिकारियों को नामित किया गया है। ठेकेदारों द्वारा नालों की सफाई की जाएगी तथा जोनल कार्यालय की टीम नालों की सफाई अपनी देख-रेख में कराएगी। शिवपूजन यादव अपर नगर आयुक्त, योगेंद्र श्रीवास्तव महाप्रबंधक जल, डॉ. संजीव सिन्हा मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, डॉ. अनुज कुमार सिंह पशु चिकित्सा अधिकारी, मोइनुद्दीन मुख्य अभियंता निर्माण, देशराज सिंह अधिशासी अभियंता निर्माण, प्रमोद कुमार अपर नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त आरएन पांडे द्वारा प्रतिदिन की कार्यवाही रिपोर्ट नगरायुक्त के समक्ष प्रस्तुत की जानी है। इस प्रकार रेड श्रेणी के नालों की सफाई ठेकेदारों के माध्यम से अधिकारियों के निर्देशन में की जाएगी। लगभग 432 नाले येलो श्रेणी में शामिल किए गए हैं। येलो कैटेगरी के अंतर्गत चिन्हित नाले नगर निगम की संसाधनों के माध्यम से साफ कराए जाएंगे। जिस हेतु प्रतिदिन कार्यवाही रिपोर्ट सफाई निरीक्षक एवं सफाई नायकों द्वारा प्रस्तुत की जाएगी। सफाई निरीक्षक सिटी जोन से अशोक पाल, कविनगर जोन से सफाई निरीक्षक नरेंद्र, मोहन नगर जोन से सफाई निरीक्षक संजीव, विजय नगर से सफाई निरीक्षक योगेंद्र तथा वसुंधरा जोन से दिनेश अग्रवाल को संसाधन उपलब्ध कराए गए है ताकि शहर के ऐसे नाले जिनमें अधिक कार्य नहीं है जल का बहाव भी सही है, किंतु कुछ कचरा होने के कारण जल बहाव में रूकावट है या अन्य कारणों से जल बहाव में कमी आ रही है तो उसे तत्काल साफ करेंगे। ग्रीन श्रेणी के अंतर्गत 54 नाले शामिल किए गए हैं। नगरायुक्त द्वारा तीसरी श्रेणी ग्रीन श्रेणी ली गई है। जिसके अंतर्गत ऐसे नालों को सम्मिलित जिनमें जल प्रवाह निर्बाध है आवश्यकता अनुसार उन्हें स्वच्छ बनाए रखने की जिम्मेदारी तय की गई है। सफाई नायक, जोनल सेनेटरी अधिकारी व सफाई निरीक्षक को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नगरायुक्त द्वारा अवैध निर्माण के कारण नालों की सफाई में उत्पन्न होने वाले व्यवधान को हटाने के लिए अपर नगरायुक्त आरएन पांडे को 1 सप्ताह में सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है तथा 1 सप्ताह के अंदर अवैध निर्माण को हटाने की कार्यवाही कर नालों की सफाई कराने के आदेश भी दिए गए हैं। शहर के नालों की सफाई के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी तथा नियमानुसार कार्यवाही अमल की जाएगी। इस प्रकार के निर्देश नगरायुक्त द्वारा दिए गए। महापौर आशा शर्मा जी, नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर तथा क्षेत्रीय पार्षदों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से शहर के नालों की सफाई की जा रही है। नगरायुक्त के नेतृत्व में टीम हंड्रेड द्वारा भी नालों की सफाई में सहयोग दिया जा रहा है।