ग्रेनो प्राधिकरण ने छोड़ा टेंडर, 74 करोड़ का आएगा खर्च
ग्रेटर नोएडा। गाजियाबाद नगर निगम की तर्ज पर ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण भी स्ट्रीट लाइट्स को एलईडी में तब्दील कराने जा रहा है। इसके लिए ग्रेनो प्राधिकरण ने टेंडर जारी किए हैं। स्ट्रीट लाइट्स को एलईडी में तब्दील करने पर करीब 74 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। एलईडी लग जाने के बाद बिजली और बिल दोनों की बचत हो सकेगी। शहर में 54 हजार स्ट्रीट लाइट्स को एलईडी में बदला जाना है। जो कंपनी इस जिम्मेदारी को संभालेगी, वह इनका अनुरक्षण 7 साल तक करेगी। निजी कंपनियां आगामी 30 जून तक टेंडर दाखिल कर सकती हैं। इच्छुक कंपनियों के साथ 9 जून को प्री बिड बैठक की जाएगी। तदुपरांत नियमानुसार टेंडर खोले जाएंगे। इस परियोजना से स्ट्रीट लाइट में पहले के मुकाबले आधी बिजली का इस्तेमाल होगा। विद्युत बिल का खर्च भी कम हो जाएगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने स्ट्रीट लाइट को कम ऊर्जा खपत वाली एलईडी में बदलने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। इसके लिए प्राधिकरण ने टेंडर जारी किए हैं। इस योजना में कंपनी को करीब 54 हजार एलईडी लाइट बदलनी पड़ेंगी। कंपनी को इन लाइटों का 7 साल तक अनुरक्षण करना होगा। इसके अलावा प्राधिकरण ने पिछले कुछ वर्षों में 15 हजार एलईडी लाइट लगाई हैं। इन लाइटों का भी 7 वर्ष तक अनुरक्षण करना होगा। 2022 में सभी स्ट्रीट लाइटों को स्मार्ट एलईडी लाइट में परिवर्तित कर दिया जाएगा। ग्रेनो प्राधिकरण केअधिकारियों ने बताया कि इच्छुक कंपनियां 9 जून को प्री बिड बैठक में शामिल होंगी। इस काम को करने वाली कंपनियां 30 जून तक टेंडर डाल सकती हैं। सभी एलईडी स्ट्रीट लाइटों को जीआईएस से लिंक कर ईआरपी से जोड़ दिया जाएगा। इससे प्राधिकरण के अधिकारियों को अपने सिस्टम पर तमाम जानकारी मिल जाएगी। इससे यह मालूम पड़ जाएगा कि कौन सी स्ट्रीट लाइट खराब है। अभी तक ग्रेटर नोएडा में हेलोजन लाइटों से प्रकाश की व्यवस्था है। इस पर प्राधिकरण को प्रतिवर्ष 30 करोड़ रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। अनुमान है कि भविष्य में यह व्यय कम होकर 15 से 18 करोड़ रह जाएगा।















