कांवडिय़ों के स्वागत को तैयार गाजियाबाद, नगर निगम ने तेज किया मिशन सुरक्षित यात्रा

-वर्चुअल समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त के सख्त निर्देश, प्लास्टिक पर रोक से लेकर फॉगिंग और सफाई तक हर विभाग को मिला टास्क
-कांवड़ मार्ग, मंदिरों और विश्राम स्थलों पर रोशनी, पेयजल, मोबाइल शौचालय और अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज
-आईसीसीसी और आईटीएमएस से होगी 24 घंटे डिजिटल मॉनिटरिंग, सभी विभागों को मिशन मोड में काम करने के निर्देश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। श्रावण मास की पावन कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाने के लिए नगर निगम ने तैयारियों की रफ्तार तेज कर दी है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने शनिवार को निगम के सभी विभागों के अधिकारियों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक कर कांवड़ यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और सभी विभाग पूरी जिम्मेदारी तथा समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। बैठक के दौरान नगर आयुक्त ने सभी जोनल प्रभारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ शिविरों में प्रतिबंधित प्लास्टिक एवं थर्माकोल का किसी भी स्थिति में उपयोग न होने दिया जाए। शिविर संचालकों और आयोजकों को स्टील के बर्तनों के उपयोग के लिए जागरूक किया जाए ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्वच्छता भी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि हरित एवं स्वच्छ कांवड़ यात्रा नगर निगम की प्राथमिकता है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम को निर्देश दिए गए कि पूरे कांवड़ मार्ग पर नियमित सफाई अभियान चलाने के साथ-साथ व्यापक स्तर पर फॉगिंग और एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव कराया जाए।

इसके अलावा कांवड़ शिविरों, प्राचीन मंदिरों, विश्राम स्थलों तथा सार्वजनिक स्थलों पर विशेष सफाई व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। नगर आयुक्त ने प्रकाश व्यवस्था को लेकर भी विशेष निर्देश जारी किए। उन्होंने अधिकारियों शेषमणि यादव एवं स्वप्निल जैन को निर्देशित किया कि कांवड़ मार्ग, प्रमुख शिवालयों, मंदिरों और श्रद्धालुओं के विश्राम स्थलों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था समय से पूरी कर ली जाए। जहां आवश्यकता हो, वहां अतिरिक्त लाइटें लगाई जाएं ताकि रात्रिकालीन आवागमन पूरी तरह सुरक्षित रहे। मुख्य अभियंता (निर्माण) नरेंद्र कुमार चौधरी को बैरिकेडिंग, कांवड़ विश्राम स्थलों की बेहतर व्यवस्था तथा यात्रियों की सुविधा के अनुरूप आवश्यक निर्माण कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। वहीं उद्यान विभाग के प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह को कांवड़ मार्ग पर अवांछित पेड़ों की कटाई-छंटाई, झाडिय़ों की सफाई तथा हरित क्षेत्र की नियमित देखरेख सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

महाप्रबंधक (जल) कामाख्या प्रसाद आनंद को कांवड़ मार्ग पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने, पानी की पाइपलाइन में होने वाली लीकेज को तत्काल ठीक कराने तथा पूरे मार्ग की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए। नगर आयुक्त ने कहा कि लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए पेयजल आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। नगर आयुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश देते हुए कहा कि पुरुष एवं महिला श्रद्धालुओं के लिए लगाए जाने वाले मोबाइल शौचालयों, स्थायी एवं अस्थायी शौचालयों, कांवड़ शिविरों तथा मंदिर परिसरों की साफ-सफाई की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में कांवड़ मार्ग को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क, फुटपाथ और पार्किंग क्षेत्रों से सभी प्रकार के अवैध अतिक्रमण तत्काल हटाए जाएं ताकि श्रद्धालुओं के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

नगर निगम की टीम ने इसके लिए विशेष अभियान भी शुरू कर दिया है। नगर निगम मुख्यालय स्थित इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (आईसीसीसी) तथा इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के माध्यम से कांवड़ यात्रा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जाएगी। इसके लिए नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव एवं अवनींद्र कुमार को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है, ताकि सभी विभागों के कार्यों की वास्तविक समय में मॉनिटरिंग हो सके और आवश्यकता पडऩे पर तत्काल कार्रवाई की जाए। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि गाजियाबाद नगर निगम का उद्देश्य कांवड़ यात्रा को स्वच्छ, सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल और सुव्यवस्थित बनाना है। इसके लिए सभी विभागों को पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा नगर निगम प्रत्येक व्यवस्था को समय से पूरा कर सफल कांवड़ महोत्सव सुनिश्चित करेगा।