सज-संवरकर महिलाओं ने मनाई हरियाली तीज पर्व

गाजियाबाद। हाथों में सजी मेहंदी और झूला झूलने के साथ सावन की मल्हारों के स्वर विभिन्न स्थानों पर गूंजते नजर आए। पिछले साल कोरोना संक्रमण के दौरान बंदिशों के चलते घर में ही पर्व मनाया, लेकिन इस बार बंदिशें कम होने के कारण पर्व पर महिलाओं का उत्साह देखते ही बना। जिलेभर में सुहागिन महिलाओं ने परंपरागत ढंग से पूजा अर्चना कर शिव-पार्वती की पूजा अर्चना की। एक नई राह पगडंडियां संस्था द्वारा जैस्मिन सोसाइटी मे आयोजि तीज महोत्सव में महिलाओं ने मेंहदी सजाने तथा सोलह श्रृंगार कर पहले घरों में पूजा अर्चना कर दान किया और फिर मस्ती भी की। वहीं प्रफुल्लित होकर आपस में पर्व की शुभकामनाएं भी दीं। महिलाओं ने भी घेवर का भी लुप्त उठाया। महिलाओं ने श्रृंगार कर सावन के गीत गाए और खास मौके पर झूला झूलने की परंपरा को जीवंत किया। वहीं देवसेना समिति द्वारा हरियाणा बल्लभगढ़ राजा नाहर सिंह पार्क में हरियाली तीज का भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाएं सज संवर कर हरे परिधान पहनकर कार्यक्रमों में शामिल हुईं। यहां ढोलक की थाप पर तीज के गीत और मल्हार गाकर धूम मचाई। सुहागिनों ने सुबह व्रत रखकर पूजा अर्चना भी की। झूला झूलने की परंपराओं का भी निर्वहन किया गया। बड़े बुजुर्गों ने नवविवाहिताओं को शृंगार का सामान भेंटकर आशीर्वाद दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष शालू पांडेय ने कहा सावन का महीना प्रेम और उत्साह का महीना माना जाता है। इन्हीं में से एक त्योहार है, हरियाली तीज। यह त्योहार हर साल श्रावण माह में शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है। इस त्योहार के विषय में मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए तपस्या की थी। इससे प्रसन्न होकर महादेव ने हरियाली तीज के दिन ही माता पार्वती को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। इस साल कोरोना गाइड लाइन में बंदिशें कम रहने के कारण महिलाओं ने दो दिन पहले से ही बाजारों में पहुंचकर पर्व की तैयारियां शुरू कर दी थीं। कार्यक्रम में एक नई राह पगडंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष शालू पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष पारूल चौधरी अतिथि के रूप में शामिल हुई एवं समाजसेवी सुषमा यादव ने महिलाओं को सम्मन्नित किया।