-परम्परागत कौशल को निखारने के लिए लाभार्थियों को बांटा गया टूल किट: बीरेंद्र सिंह
गाजियाबाद। पारम्परिक उद्योगों व स्थानीय दस्तकारों को बढ़ावा देने के लिए विश्वकर्मा जंयती के उपलक्ष्य पर विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को टूल किट वितरित किया गया। जिसका उद्देश्य पारम्परिक रोजगार के जरिए लोग अपने जीवन स्तर को सुधार सकें। कारीगरों को सम्मान देना जरूरी है क्योंकि वो ही हमारी धरोहर हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ऑनलाइन माध्यम से किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के 21000 लाभार्थियों को टूल किट प्रदान की। इसी के साथ विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के 11000 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत 171 करोड़ रूपए का ऋण प्रदान किया गया। आगामी 3 माह में 75000 परंपरागत दस्तकारों एवं हस्तशिल्पयों को लाभान्वित किया जाएगा। 
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में विश्वकर्मा जंयती पर विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत संयुक्त आयुक्त उद्योग बीरेंद्र सिंह ने 100 महिला लाभार्थियों को टूल किट प्रदान की। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत कुम्हार, मोची, सुनार, हलवाई, टोकरी बुनकर, दर्जी एवं नाई आदि ट्रेड में निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। टूल किट से न सिर्फ अपने परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करें, बल्कि समूह के रूप में कार्य कर रेडीमेड गारमेंट्स जैसी इकाई की भी स्थापना महिला लाभार्थियों द्वारा की जा सकती है। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत परम्परागत कौशल को निखारने के लिए नाई, दर्जी, बढ़ई, मोची, हलवाई, टोकरी बुनकर, लोहार, राजमिस्त्री एवं सुनार आदि ट्रेंडों में छह दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस योजना में पारंपरिक कारीगरों को नि:शुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। 
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में प्रदेश के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के पारंपरिक दस्तकारी व कारीगरी जैसे टोकरी बुनकर, दर्जी, कुम्हार, नाई, लोहार, मोची, सुनार, हलवाई, बढ़ई व राजमिस्त्री जैसे पेशे से जुड़े लोगों एवं हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण देकर उनकी आजीविका के साधनों का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। प्रशिक्षण उद्यम के आधार पर कौशल वृद्धि के उद्देश्य से प्रदान किया जाएगा। इसी क्रम में 100 महिला लाभार्थियों को दर्जी ट्रेड से संबंधित सिलाई मशीन तथा अन्य टूल किट प्रदान की गई। उन्होंने इकाई स्थापना के लिए ऋण प्राप्त करने के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना तथा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराते हुए कहा कि जिला उद्योग केंद्र कार्यालय में आकर अथवा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते है।















