ह्दय रोग से बचाव के लिए लोगों को किया जागरूक

-दिले की तेज धड़कन को ना करें नजर अंदाज, हो सकता है जानलेवा
-20 प्रतिशत युवाओं में बढ़ी दिल की बीमारी

गाजियाबाद। दिल की तेज धड़कन को नजर अंदाज न करें। लेकिन, कई बार जोर का झटका लगने के बाद लोग संभलने वाली स्थिति में नहीं रहते हैं। ऐसा ही कुछ कहना हैं सीनियर कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुमित कुमार का। उन्होंने बताया कि पिछले महज 20 साल में युवाओं में दिल की बीमारियों में 20 प्रतिशत की वृद्धि हो गई है। आज 30 वर्ष से उपर का हर तीसरा व्यक्ति किसी न किसी दिल की बीमारी से जूझ रहा है।

मंगलवार को वंसुधरा सेक्टर-4 स्थित ले क्रेस्ट अस्पताल में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान डॉ. सुमित कुमार ने कहा दिल की बीमारी दो तरह की होती हैं, एक क्लीनिकल और दूसरी नॉन क्लीनिकल। नॉन क्लीनिकल बीमारी में मरीज को दिल की बीमारी होती है, लेकिन उसके कोई लक्षण नहीं होते। यह स्थित ज्यादा गंभीर होती है, क्योंकि इस स्थिति में ही संभलने की जरूरत होती है और नहीं संभलने पर वह क्लीनिकल यानी हार्ट अटैक या हार्ट फेलियर में तब्दील हो जाती है।

कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राहुल रामटेक बताते हैं कि पिछले बीस सालों में दिनचर्या और खानपान में बहुत बदलाव आया है। हम अपने बच्चों को पिज्जा, बर्गर और अन्य फास्ट फूड बड़े चाव से खिलाते हैं। इन फूड में कोलेस्ट्रॉल और शुगर हाई लेवल में होता है, जो शरीर में इन चीजों को बढ़ाने लगता है। इसके अलावा हमारी दिनचर्या में फिजिकल वर्क लगातार घटा है। युवा वर्ग भी घर के हेल्थी खाने की जगह बाहर का खाना या फास्ट फूड को ज्यादा तव्वजो देते हैं। ऐसे में दिल की बीमारियों का खतरा कई गुना ज्यादा बढ़ जाता है। 40 साल के बाद हर व्यक्ति को पूरे शरीर की जांच करा लेनी चाहिए। जिससे समय रहते बिमारी का पता चल सकें।

डॉ. संजय गर्ग ने बताया वर्ल्ड हार्ट डे पर बुधवार को जागरूकता अभियान के साथ निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा। ले क्रिस्ट हॉस्पिटल की ओर से 25 सिंतबर से 7 अक्टूबर तक निशुल्क स्वास्थ शिविर आयोजित किया जा रहा है। जिसमें प्रतिदिन 40 से 50 मरीजों की जांच की जा रही है। शिविर में गरीब तबके के लोगों को कम दर पर उपचार किया जाएगा। डॉ. सुमित बताते हैं कि दूसरी लहर के बाद उन्होंने एक 22 के युवक का ऑपरेशन किया था। जिसे क्रिकेट खेलने के दौरान दिल में दर्द होना शुरु हो गया था। वह समय से उनके पास पहुंचा। जांच में पता चला कि युवक के दिल की एक नस में ब्लॉकेज था जो क्लॉट के कारण था। उसे आधुनिक तकनीक के जरिए निकाल दिया गया था और युवक को स्टंट नहीं डालना पड़ा था। फिलहाल वह युवक स्वस्थ है। युवक फास्ट फूड का शौकीन था और घर के खाने की जगह फास्ट फूड को ही तव्वजो देता था। प्रेसवार्ता के दौरान डॉ. दीपक गुप्ता, डॉ. शरद अग्रवाल, डॉ. विवेक गर्ग, राजेन्द्र कुकरेती आदि उपस्थित रहे।