मियावकी पद्धति : निगम द्वारा रोपित पौधे अब वृक्ष में तब्दील

-प्रत्येक पौधे पर तय है अधिकारियों की जिम्मेदारी

गाजियाबाद। शहर की आबोहवा को शुद्ध बनाने के लिए गाजियाबाद नगर निगम द्वारा मियावकी पद्धति से लगाए गये पौधे वृक्ष में तब्दील हो गये है। तैयार हुए यह वृक्ष शहर की आबोहवा को शुद्ध करने में कारगार साबित होगें। नगर निगम द्वारा शहर में समस्त जोनों में पौधारोपण किया गया। जिसमें बढ़-चढ़कर जन सहयोग किया गया। मेयर आशा शर्मा एवं नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर के निर्देश पर मियावकी पद्धति से पौधारोपण किया गया। साथ ही अधिकांश ऐसे वृक्ष लगाए गए जो ज्यादा से ज्यादा ऑक्सीजन बढ़ाते हैं।

नगर आयुक्त द्वारा प्रभारी उद्यान डॉ अनुज कुमार सिंह के साथ-साथ अन्य अधिकारियों की भी जिम्मेदारी प्रत्येक पौधों पर लगाई गई की किसी भी हालत में पौधों को वृक्ष में तब्दील जिम्मेदारी के साथ करना है। इस पर अधिकांश पौधे वृक्ष में तब्दील हुए हैं और स्वच्छ वातावरण में बढ़ावा किया गया है। विजयनगर जोन के अंतर्गत प्रताप विहार तथा मोहन नगर जोन के अंतर्गत साईं उपवन में मियावकी पद्धति से मुख्य रूप से पौधारोपण किया गया। जिसमें 35 तरह की पौधे लगाए गए जो कि अब वृक्ष का रूप ले चुके हैं। जिससे जनसामान्य को विशेष लाभ प्राप्त होगा। बरगद, पीपल, जामुन, नीम, पिलखन, अमरूद, करोंदा, सागवान, पिलखन, केला, इमली, करंज, कनेर आम इत्यादि वृक्ष बहुत ही जल्द एक बड़ा स्वरूप लेकर शहर वासियों के लिए लाभदायक होंगे। औषधियों के पौधे भी शहर वासियों के लिए लाभदायक सिद्ध होंगे।Plants planted

उद्यान प्रभारी डॉ अनुज कुमार सिंह ने बताया कि वृक्षारोपण के क्रम में आगे भी इसी प्रकार पौधों को लगाकर वृक्ष बनाने तक की जिम्मेदारी ली जायेगी। जिसमें जनता का विशेष सहयोग प्राप्त होता है। कोरोना काल में शहर ने लोगों ने ऑक्सीजन की कमी से लोगों को दम तोड़ते देखा है। हर किसी को पेड़-पौधों से मिलने वाली शुद्ध वायु और प्राणवायु की कीमत पता चली। शहर की आबोहवा को शुद्ध बनाने के लिए मियावकी पद्धति से लगाए गये पौधे वृक्ष में तब्दील हो गये है। तैयार हुए यह वृक्ष शहर की आबोहवा को शुद्ध करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अपना योगदान देंगे। भविष्य में भी इस पद्धति से पौधे लगाए जाएंगे। पार्षदों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में लगाए गए पौधे भी अब वृक्ष का रूप ले चुके हैं तथा क्षेत्रीय पार्षदों द्वारा पौधारोपण में निभाई गई जिम्मेदारी प्रशंसनीय है। गाजियाबाद नगर निगम द्वारा समस्त सहयोगियों का पौधे से वृक्ष बनाने में सहयोग प्राप्त होने पर धन्यवाद दिया गया।