-जिला आबकारी विभाग के साथ अपर नगर मजिस्ट्रेट चेकिंग शुरू
गाजियाबाद। दीपावली का त्योहार मनाने की घर-घर तैयारियां शुरू हैं। इन त्योहारों का मजा अवैध शराब कहीं किरकिरा न कर दें, जिसको लेकर आबकारी विभाग पूरी तरह से सतर्क हो गया है। जनपद में चल रहे विशेष अभियान के तहत आबकारी की कई टीमें गठित की गई है। यह टीमें नियमित रूप से शराब की दुकान, चेक पोस्ट, बोर्डर क्षेत्रों में छापेमारी कर रही रही है।
त्योहारों के मौसम में शराब की मांग अधिक बढ़ जाती है। किसी भी तरह से सस्ती शराब पाने का प्रयास होता है, इस वजह से अवैध व नकली शराब का उत्पादन, बिक्री व तस्करी बढ़ जाती है। अवैध कारोबार से सरकार को राजस्व का नुकसान होता है और जनहानि होने की भी आशंका रहती है। जिसे रोकने के लिए जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में लगातार टीम सक्रिय है।
अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए बुधवार को जिला आबकारी विभाग के साथ अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय विनय कुमार सिंह और साहिबाबाद सीओ आलोक दुबे एवं आबकारी निरीक्षक त्रिवेणी मौर्या, आबकारी निरीक्षक अखिलेश वर्मा, आबकारी निरीक्षक अरूण कुमार, आबकारी निरीक्षक आशीष पांडेय की संयुक्त टीम ने साहिबाबाद, सेक्टर-23 संजयनगर, विजयनगर आदि क्षेत्रों में संयुक्त रूप से शराब दुकानों की चेकिंग करते हुए स्टॉक को चेक किया।
अवैध शराब के कारोबार को लेकर आबकारी विभाग एवं पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से अभियान चलाया जा रहा है। अपर नगर मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह ने बताया कि सीओ आलोक दुबे एवं आबकारी निरीक्षक त्रिवेणी मौर्या की मौजूदगी में साहिबाबाद, मोहननगर क्षेत्र में देशी, अंग्रेजी शराब दुकानों और बीयर की दुकानों पर स्टॉक एवं अवैध शराब की चेकिंग की गई। दुकानों पर स्टॉक सही मिला। वहीं,अवैध शराब भी नहीं मिल पाई।
जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि मजिस्ट्रेट चेकिंग के अलावा ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे डासना चेकपोस्ट पर संयुक्त टीम द्वारा वाहनों की चेकिंग की गई। इसके अलावा संदिग्ध क्षेत्रों में छापेमारी की गई। जिले में आबकारी निरीक्षकों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में शराब की दुकानों की चेकिंग की गई। दुकानों पर कोई अनियमितता नहीं पाई गई।
अवैध शराब की बिक्री एवं बनाने वालों पर कार्रवाई के लिए यह निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी आबकारी निरीक्षकों द्वारा लोगों से संपर्क कर अवैध शराब बेचेने वालों की मुखबिरी करने को कहा जा रहा है। अवैध माफिया की जानकारी देने वाले लोगों का नाम गुप्त रखा जाएगा। इस कारोबार में लिप्त माफियाओं के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धाराओं के साथ ही एफआइआर दर्ज कराते हुए कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।















