यूक्रेन-रूस विवाद निपटाने के लिए भारत के सराहनीय प्रयास: सिद्धार्थ मिश्रा

गाजियाबाद। यूक्रेन-रूस जंग जारी है। जंग को रोकने की कोशिशें अब तक सफल नहीं हो पाई हैं। दोनों देशों के बीच युद्ध रूकवाने और शांति वार्ता के जरिए मसले को हल कराने की भारत की कोशिश भी लगातार जारी है। तीसरे विश्व युद्ध की आशंका ने हर किसी की बेचैनी बढ़ा रखी है। रूस-यूक्रेन में तनातनी खत्म कराने के लिए दुनिया के कई देश अब भारत और खाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ आशाभरी नजरों से देख रहे हैं। अग्रसेन व्यापार मंडल के प्रचार मंत्री एवं युवा समाजसेवी सिद्धार्थ मिश्रा ने बताया कि पीएम मोदी भी अपने स्तर से हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति और यूक्रेन के राष्ट्रपति से फोन कर वार्ता कर मामला शांत कराने की पहल की है। पीएम मोदी ने पुतिन से कहा कि रूस और नाटो के बीच मतभेद सिर्फ ईमानदार बातचीत से ही सुलझाए जा सकते हैं। उन्होंने पुतिन से बातचीत में सभी पक्षों से हिंसा तुरंत खत्म किए जाने और कूटनीतिक स्तर पर बातचीत के रास्ते पर लौटने की अपील की। मोदी चाहते हैं कि रूस युद्ध को तत्काल रोक दे। इससे पहले रूस इस मसले पर भारत के रुख की खुलकर तारीफ कर चुका है। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से जब यह पूछा गया कि क्या भारत इस मामले में उनके साथ है, तो उन्होंने जवाब दिया कि इस बारे में बातचीत की जा रही है। मगर अब पुतिन से मोदी की फोन पर बातचीत के बाद स्पष्ट है कि युद्ध जारी रहने की सूरत में भारत दोनों पक्षों में से किसी एक के साथ खड़ा नजर नहीं आना चाहेगा। युद्ध खत्म होने पर भारत समस्या के कूटनीतिक हल के लिए तटस्थ समाधानकर्ता की भूमिका में ही रहेगा। सिद्धार्थ मिश्रा ने कहा कि समस्या का कारण यह है कि रूस नाटो में यूक्रेन को शामिल करने की योजना के खिलाफ है। अमेरिका और नाटो ने अब उन्हें अकेला छोड़ दिया है, तब प्रधानमंत्री मोदी ने रूस से युद्ध समाप्त करने की अपील कर यूक्रेन में तबाही रोकने की कोशिश की है। प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन को इस मामले में अपनी चिंता से भी अवगत करा दिया है। यूक्रेन में फंसे भारतीयों को भी सुरक्षित भारत लाने में भारत सरकार को कामयाबी मिली है। यह सब पीएम मोदी के प्रयासों से संभव हो सका है।