अक्षय पात्र फाउंडेशन ने सरकारी स्कूलों के बच्चों की पढ़ाई को सहयोग देने के लिए लांच किया डजिटल शिक्षा कार्यक्रम
-आदिश एंड आशा जैन फाउंडेशन के समर्थन से, अक्षय पात्र ने राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की 70 छात्राओं को वितरित किए 70 टेबलेट
गाजियाबाद। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज विजय नगर में डिजिटल शिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय की छात्राओं को सशक्तिकरण के लिए आदिश जैन एवं आशा जैन फाउंडेशन की ओर से शुक्रवार को कक्षा 10 की छात्राओं को 70 छात्रों को टेबलेट वितरित वितरित किए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी विक्रमादित्य सिंह मलिक, जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश श्रीवास, आदिश जैन और आशा जैन एवं प्रेसिडेंट एवं ट्रस्टी भरतारशाभा दासा ने संयुक्त रुप से माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। अक्षय पात्र कॉर्पोरेट दानकर्ताओं और बायजूस के साथ मिलकर इस पहल को लागू कर रहा है। ताकि समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को मुफ्त में अच्छी और आधुनिक शिक्षा प्रदान कर डिजिटल अंतर को कम किया जा सकें।

अपनी सीएसआर पहल के अंतर्गत, आदिश जैन और आशा जैन मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। अपने सीएसआर प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए आदिश जैन और आशा जैन अब यह अक्षय पात्र के डिजिटल शिक्षा कार्यक्रम में भी योगदान दे रहे हैं। यह कार्यक्रम समावेशन पर फोकस करते हुए प्रतिस्पर्धा-आधारित पढ़ाई को बढ़ावा दे रहा है और डिजिटल भारत के सरकार के सपने में योगदान कर रहा है। सीडीओ विक्रमादित्या सिंह मलिक ने कहा टेबलेट छात्राओं को डिजिटल शिक्षण से जोड़ते हुए ज्ञान की वृद्धि करने में मदद करेगा साथ ही छात्रों को नई टेक्नोलॉजी से भी जोड़ेगा। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश श्रीवास ने कहा की छात्राएं नई टेक्नोलॉजी का उपयोग कर शिक्षा को प्रभावी बनाएंगे।
प्रधानाचार्य डॉ विभा चौहान द्वारा जैन फाउंडेशन के संस्थापक आदेश एवं आशा जैन का आभार व्यक्त किया गया। उन्होंने कहा कि टेबलेट की सहायता से शिक्षा रोचक और सरल हो जाएगा और छात्राएं अपने ज्ञान में वृद्धि करेंगी। हर टैबलेट में बायजूस का लर्निंग एप्लीकेशन पहले से इंस्टॉल है जिससे बच्चों को अच्छी गुणवत्ता के तकनीक द्वारा संचालित प्रोग्राम्स को एक्सेस कर सकते हैं। यह डिजिटल टैबलेट 11वीं कक्षा के स्टूडेंट्स को दिए गए जिससे उन्हें जेईई तथा नीट संबधी सामग्री तक पहुंच दी गई है। आदिश जैन ने कहा हमें अच्छी शिक्षा के लाभ पाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ जिसके कारण हम अपना पेशेवर कॅरियर बना सके और हमें एक अच्छा जीवन जीने का मौका मिला। अब हम अपने होमटाउन गाजिय़ाबाद की मेधावी और निपुण लड़कियों की सहायता करना चाहते हैं। हम आशा करते हैं कि यह पहल अनेक लड़कियों को सपने देखने और उन्हें पूरा करने में सशक्त बनाएगी।
भरतारशाभा दासा ने बताय कि हमारा लक्ष्य ‘भारत का कोई भी बच्चा भूख के कारण, शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिएÓ हमारी इस धारणा के अनुरूप है कि शिक्षा उन प्रमुख मार्गों में से एक है जो इस देश के खुशहाल भविष्य को निखार सकती है। हमारा मानना है कि इंटरनेट और उचित टेक्नोलॉजी तक पहुंच के अभाव के कारण किसी भी बच्चे को अशिक्षित नहीं रहना चाहिए। आदिश जैन और आशा जैन के बहुत आभारी हैं कि उन्होंने हमारे इस डिजिटल शिक्षा कार्यक्रम में अपना योगदान दिया। अक्षय पात्र इन स्टूडेंट्स को सपोर्ट करने के लिए शिक्षकों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि उन्हें अच्छी तरह से अनुसंधानित शैक्षणिक सामग्री मुहैया कराई जा सके।
इस पहल के तहत, चुने हुए स्टूडेंट्स को उनकी पढ़ाई के लिए दो वर्षों की इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। यह शिक्षण सामग्री सभी स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध होगी जिसमें आईसीएसई बोर्ड और सीबीएसई बोर्ड के साथ-साथ दूसरे राज्यों के शिक्षा बोर्ड जैसे गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र , तमिलनाडु, पंजाब, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल पर फोकस किया जाएगा। कार्यक्रम में कक्षा 10 की छात्राएं, शिक्षिकाएं गीतांजलि, संगीता गुप्ता, शिप्रा यादव, अर्चना दीक्षित, शिवा शर्मा, प्राची चतुर्वेदी, निधि उपस्थित रही। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की शिक्षिका चंदा जोशी द्वारा किया गया।
















