-प्रत्येक वर्ष होने वाले रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया की जटिलता को कम एवं नवीनीकरण को प्रत्येक 5 वर्ष तक किए जाने पर दिया जोर
गाजियाबाद। आईएमए स्टेट हेड क्वार्टर तिरुपति हॉस्पिटल में आईएमए लीडरशिप समिट 2023 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नेशनल स्टेट एवं जिला आईएमए के लीडर्स ने आई एम के 2000 नये मेंबर्स को सम्मिलित किए जाने की योजना बनाई। लीडरशिप सबमिट में कहा गया कि डॉक्टर एवं उनके संस्थानों पर हो रहे रोजमर्रा के अटैक्स के लिए सरकारों से विभिन्न स्तर पर बात करके सख्त कानून इंप्लीमेंट करने की आवश्यकता है। आईएमए द्वारा कार्यरत विभिन्न योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई एवं चिकित्सकों के चिकित्सा संस्थानों के प्रत्येक वर्ष होने वाले रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया की जटिलता को कम करने एवं नवीनीकरण को प्रत्येक 5 वर्ष तक किए जाने पर बल दिया गया एवं राज्य सरकारों से इस विषय पर बात की जा रही है। आओ गांव चले प्रोजेक्ट पर चर्चा की गई। जिसमें प्रत्येक जिले में कम से कम एक गांव गोद लिए जाना आवश्यक है। उसकी प्रगति रिपोर्ट नेशनल आईएमए को हर माह प्रेषित करने पर बल दिया गया।
आईएमए राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर शरद अग्रवाल ने कहा कि देशभर में आईएमए की 1700 शाखाएं हैं एवं अभी तक 1040 गांव ही गोद लिए गए हैं। हमें इस पर तेजी से आगे बढ़ाना है। चिकित्सा सस्ती एवं सुलभ उपलब्ध करानी है। अभी तक 20 लाख से अधिक लोग इस योजना का लाभ ले चुके हैं। कोरोना कल में यूपीआई में स्टेट का प्रबंध देश में सर्वोत्तम रहने पर सभी स्टेट लीडर्स को बधाई दी गई एवं इस मॉडल को स्थाई रूप से सभी राज्यों में अपनाये जाने पर बल दिया गया। क्योंकि किसी भी वक्त देश के ऊपर आई चिकित्सा इमरजेंसी से लडऩे के लिए हमारे पास एक स्थाई मैनेजमेंट तैयार होना चाहिए। 2 मिलियन लोगों ने आईएमए की हेल्पलाइन का उपयोग कोविड के दौरान किया। आईएमए की 160 शाखों द्वारा ब्लड बैंक भी संचालित होते हैं, लीडरशिप सबमिट में इसे और बढाने पर जोडर दिया गया। इसके लिए हर संभव मदद राष्ट्रीय स्तर से की जाएगी। 2022 में देशभर में 1.20 लाख यूनिट ब्लड एकत्र हुआ, हमें इसको निरंतर बढऩा चाहिए।
टीबी को समूल नष्ट करने के लिए और एंड टीबी स्ट्रेटजी को फॉलो करने पर बल दिया गया, राज्य एवं जिला टीबी ईकाई से संबंध स्थापित कर देश से टीबी को उसी तरह से मुक्त करना है। जैसे पोलियो को किया गया। इसके अलावा मिशन पिक हेल्थ सेव द चाइल्ड, एनीमिया मुक्त भारत नामक प्रोजेक्ट को और तेजी से इंप्लीमेंट करने पर बल दिया गया एवं रिपोर्ट मांगी गई। कार्यों की समीक्षा की जाएगी। जिसमें ब्लड डोनेशन एवं ब्लड बैंक, मेडिकल एजुकेशन प्रोत्साहन कमेटी, डायबिटीज प्रिवेंशन एवं रेटिनोपैथी रोकथाम कमेटी, कमेटी, अंगदान कार्य संपादन कमेटी, डिजास्टर मैनेजमेंट कमेटी की रिपोर्ट ली गई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद अग्रवाल ने कहा कि आईएमए सरकार के स्वास्थ्य नीति बनाने एवं विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं को लागू करने एवं धरातल पर उपयोग में लाने के लिए स्वैच्छिक बल प्रदान कर रही है। लीडरशिप सबमिट में नेशनल लीडर्स राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर शरद अग्रवाल, डॉक्टर विनय अग्रवाल, डॉ राजन शर्मा, डॉ क्षितिज बाली, डॉक्टर राजीव गोयल, डॉक्टर आनंद प्रकाश, आईएमए यूपी स्टेट की तरफ से अध्यक्ष डॉक्टर अनिल श्रीवास्तव, सचिव डॉक्टर वीबी जिंदल, डा आशीष, लोकल इकाई की तरफ से अध्यक्ष डॉक्टर वाणी पूरी रावत, डॉक्टर सचिव वीके बत्रा, डॉक्टर नवनीत वर्मा के अलावा देशभर से आए 40 लीडर्स ने भाग लिया।

















