– चीफ इंजीनियर नहीं रोकते तो पार्षद और निगम कर्मचारियों में जमकर होती मार-पिटाई
– लोगों को याद आया 6 साल पुराना किस्सा, चीफ इंजीनियर के कमरे में हुई थी पार्षद की पिटाई
उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। नगर निगम मुख्यालय में शनिवार को हुए विवाद की चर्चा अभी भी जारी है। लोग जहां पार्षद विरेंद्र त्यागी के व्यवहार की निंदा कर रहे हैं वहीं, चीफ इंजीनियर एनके चौधरी की तारीफ कर रहे हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि यदि चीफ इंजीनियर ने निगम कर्मचारियों को नहीं रोका होता तो मामला काफी बिगड़ जाता और कार्यालय में जमकर मारपीट होती। शनिवार की घटना ने लोगों के जेहन में 6 साल पहले घटित घटना की यादों को फिर से ताजा कर दिया। वर्ष 2018 में चीफ इंजीनियर के कमरे में बदसलूकी करने पर एक पार्षद की जमकर पिटाई हुई थी। उस समय चीफ इंजीनियर मोइनुद्दीन थे जो कि वर्तमान में वाराणसी में तैनात हैं।

दरअसल भाजपा पार्षद सत्ता के नशे में आपा खो रहे हैं। पार्षद विरेंद्र त्यागी का मामला पहला मामला नहीं है जिसमें भाजपा की फजीहत हो रही है। तीन महीने पहले भी मोहन नगर जोन के भाजपा पार्षद को मारपीट के मामले में जेल भेजा गया था। भाजपा पार्षद सुधीर कुमार पर खोखे-पटरी वालों से उगाही करने और मनमाना पैसा नहीं देने पर मार-पिटाई करने का आरोप लगा था। इस मामले में पुलिस को भी पार्षद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होना पड़ा था। बहरहाल सत्ता के नशे में चूर भाजपा पार्षदों का जिस तरह से विवादित कांड लगातार सामने आ रहे हैं वह चिंताजनक है। भाजपा को ऐसे मामलों को गंभीरता से लेना चाहिये और पार्टी से जुड़े पार्षदों को शालीन व्यवहार की सीख देते हुए कार्रवाई करनी चाहिये।

विदित हो कि शनिवार दोपहर नगर निगम मुख्यालय में नंदग्राम वार्ड-49 के पार्षद विरेंद्र त्यागी ने चीफ इंजीनियर एनके चौधरी पर दबाव बनाकर फाइल पर जबरदस्ती हस्ताक्षर करवाने की कोशिश की। चीफ इंजीनियर के इंकार के बाद विरेंद्र त्यागी ने अमर्यादित व्यवहार किया। चीफ इंजीनियर के कमरे में हंगामा सुनकर निगम कर्मचारी और कई इंजीनियर पहुंच गये। मामला उग्र होने लगा तभी चीफ इंजीनियर ने सभी को शांत कराकर स्वयं कमरे से निकल गये। चीफ इंजीनियर ने इंजीनियरों और कर्मचारियों से कहा कि पार्षद से कोई गलत व्यवहार ना करें। चीफ इंजीनियर का निर्देश पाकर सभी शांत हो गये। इसके बाद
चीफ इंजीनियर ने नगर आयुक्त को पूरे प्रकरण से अवगत कराया। पार्षद के रवैये से आहत चीफ इंजीनियर एनके चौधरी ने ऐसे माहौल में काम करने से इंकार करते हुए छुट्टी पर चले गये हैं। लोग जहां विरेंद्र त्यागी के व्यवहार की निंदा कर रहे हैं, वहीं चीफ इंजीनियर की तारीफ कर रहे हैं। सभी कह रहे हैं कि यदि चीफ इंजीनियर ने कर्मचारियों को नहीं रोका होता तो कोई बड़ा फसाद हो जाता।















