उदय भूमि संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली मंडल का डीजल लोको शेड, तुगलकाबाद भारतीय रेलवे के सबसे प्रतिष्ठित और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शेड में से एक है। जहां वर्तमान में ए.एल.सी.ओ, एच. एच.पी., इलेक्ट्रिक और शंटिंग प्रकार सहित विभिन्न श्रेणियों में 300 से अधिक लोकोमोटिव हैं। शेड के लोकोमोटिव विभिन्न एक्सप्रेस और मेल ट्रेनों को गति प्रदान करते हैं। इन लोकोमोटिव को वी.आई.पी. गतिविधियों के लिए भी तैनात किया गया था जो शेड की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है। वर्तमान में, डीजल लोको शेड, तुगलकाबाद में कुल 139 इलेक्ट्रिक इंजन हैं, जिनमें 92 माल डबल्यू.ए.जी. 9 और 47 यात्री डबल्यू.ए. पी. 4 सेवाओं के लिए नामित हैं। मालगाडिय़ां, जिसमें लंबी दूरी तक कम स्टोपेज हैं, लोको पायलटों के लिए एक चुनौती पेश करती हैं, जिनके पास अक्सर ऑनबोर्ड टॉयलेट/वॉशरूम सुविधाओं तक पहुंच की कमी होती है। इसे संबोधित करने के लिए, आर.डी.एस.ओ. के निर्देशानुसार, डीजल शेड तुगलकाबाद ने अपने दो इलेक्ट्रिक क्लास माल ढुलाई लोकोमोटिव में जल रहित यूरिनल तकनीक विकसित और स्थापित की थी।
इस नवोन्वेषी प्रणाली में पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए उपयुक्त डबल्यू. सी. -प्रकार के चैम्बर के साथ एक जल रहित यूरिनल शामिल है। गंध नियंत्रण को मेंबरेन ट्रेप और लिकवेड सीलेंट कार्टरेज के माध्यम से प्रबंधित किया जाता है, जबकि एक यूवी. एल.ई.डी- आधारित स्वच्छता प्रणाली स्वच्छता सुनिश्चित करती है। यूरिनल के चैम्बर को स्टेण्डर्ड शौचालय सफाई एजेंटों से साफ करना भी आसान होता है। एक ऑनबोर्ड कम्प्यूटरीकृत प्रोसेसिंग इकाई लोकोमोटिव के माइक्रोप्रोसेसर के साथ इंटरफेस करती है, जिससे यूरिनल का उपयोग केवल तभी किया जा सकता है जब ट्रेन पूर्व-निर्धारित गति पर हो, जैसा कि इसे कमीशन करने के दौरान कॉन्फिगर किया गया था। इस तकनीकी प्रगति के साथ, डीजल लोको शेड तुगलकाबाद ने लोको पायलटों की जरूरतों को पूरा करने, भारतीय रेलवे में सुरक्षित, अधिक कुशल ट्रेन संचालन में योगदान देने की अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है।
















