• आबकारी विभाग की टीम ने देर रात कैफे में मारा छापा, बिना लाइसेंस के साथ देर रात पिलाई जा रही थी शराब
• शराब तस्करों के साथ बिना लाइसेंस के शराब पिलाने वालों के खिलाफ आबकारी विभाग का चला डंडा
• आबकारी विभाग की टीम को देखकर भागा संचालक, यूपी शराब समेत दो कर्मचारी गिरफ्तार
उदय भूमि
गाजियाबाद। जनपद में चुनाव और त्योहार का सीजन भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन आबकारी विभाग की कार्रवाई का सीजन साल के 365 दिन लगातार जारी रहता है। जो कि दिन हो या फिर रात लगातार जारी है। ऐसे में आबकारी विभाग को भी फुर्सत नहीं है। अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए आबकारी विभाग ने दिन-रात एक कर रखी है। ऐसे में शराब तस्कर आगे-आगे तो आबकारी विभाग पीछे-पीछे नजर आ रहा है। तस्करों को जिले से खदेड़ने के लिए हर संभव कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है। भारी व्यस्तता के बावजूद विभाग ने शराब की दुकानों पर भी ध्यान दे रखा है। शराब दुकानदार किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें, इसे लेकर औचक निरीक्षण जारी है। वहीं शादी सीजन के बीच बिना लाइसेंस के चल रही शराब पार्टी की तैयारी पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग की टीम लगातार सड़कों पर उतर कर अपनी कार्रवाई को अंजाम दे रही है। इसी क्रम में एक बार फिर से आबकारी विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रुप से चल रही शराब पार्टी का भंडाफोड़ किया है।
देर रात आबकारी विभाग की टीम ने कौशांबी क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया। चेकिंग के दौरान जहां देखने को मिला कि एक रेस्टोरेंट बार में अवैध रूप से शराब पिलाई जा रही थी। एक तो बिना विभाग से लाइसेंस लिए तो दूसरी ओर रात 12 बजे के बाद भी शराब पार्टी का सेवन चल रहा था। कैफे संचालक आबकारी विभाग की आंख में धूल झोंकने के लिए बीच-बीच में एक दिन लाइसेंस लेता था और बाकी दिन बिना लाइसेंसी के शराब पार्टी का आयोजन करता था। आबकारी विभाग ने जब पिछले दो सप्ताह की लिस्ट देखी तो उसमें उक्त कैफे का संचालक दो से तीन दिन ही लाइसेंस ले रहा था। इसकी जांच करने के लिए आबकारी विभाग की टीम ने देर रात कैफे पर छापा मारा तो हड़कंप मच गया। टीम ने मौके से शराब बरामद करते हुए दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। उक्त कैफे संचालक के खिलाफ पूर्व में भी कार्रवाई हो चुकी है। जिसके बाद ने कैफे संचालक ने नाम बदल कर कैफे का संचालन किया और कुछ दिन बाद फिर से वहीं खेल शुरु कर दिया। मगर आबकारी विभाग की अचूक रणनीति ने इस बार भी कैफे संचालक के सिस्टम को फेल कर दिया।
जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम ने बताया जिले में अवैध शराब के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिछले कुछ दिन से शिकायत मिल रही थी कि एंजेल मॉल में स्थित द पब्लिक हाउस कैफे में शराब पार्टी का आयोजन चल रहा है। जब इसकी जांच की गई तो जांच में पता चला कि द पब्लिक हाउस कैफे का संचालक जावेद ने पिछले कुछ समय से विभाग से लाइसेंस नहीं लिया है। इसके बाद शनिवार रात को आबकारी निरीक्षक त्रिवेणी प्रसाद मौर्य और डॉ. राकेश त्रिपाठी की टीम गठित की गई। टीम ने रात भर कौशांबी क्षेत्र के सभी रेस्टोरेंट, होटल व बार पर चेकिंग की। इसके बाद रात करीब 12.30 बजे टीम ने एंजेल मॉल स्थित द पब्लिक हाउस कैफे में दबिश दी तो अंदर शराब पार्टी का आयोजन पाया गया। टीम को देख कैफे में हड़कंप मच गया। टीम ने जब कैफे में मौजूद कर्मचारियों से शराब पार्टी का लाइसेंस मांगा तो वह दिखा नहीं सकें। मौके से टीम ने 18 पॉइंट किंगफिशर एक्सीलेंट लेजर बियर (धारिता 330 एमएल), 2 कोरोना एक्स्ट्रा बियर (धारिता 330 एमएल) भरी हुई यूपी मार्का बरामद किया गया। किंगफिशर एक्सीलेंट लेजर बियर के 6 खाली बोतल और पिलाने में प्रयुक्त हुए कांच के 4 गिलास बरामद किया गया।
शराब को जब्त करते हुए कैफे कर्मचारी बब्बू रैकवार पुत्र राम किशोर रैकवार निवासी कड़कडड़ूमा दिल्ली और करन पुत्र पारस निवासी सीमापुरी कोडी कॉलोनी नंद नगरी दिल्ली को गिरफ्तार किया। फरार कैफे संचालक जावेद और उसके कर्मचारियों के खिलाफ थाना कौशांबी में आबकारी अधिनियम की धारा 60 और रेस्टोरेंट अधिनियम 1952 की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। साथ ही उक्त कैफे को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। वहीं आबकारी निरीक्षक त्रिवेणी प्रसाद मौर्य का कहना है कि उक्त कैफे संचालक के खिलाफ पूर्व में भी कार्रवाई हो चुकी है। जिसमें कैफे मालिक ने पूर्व में किसी और नाम से बार का लाइसेंस लिया था, मगर कार्रवाई के दौरान उसे ब्लैक लिस्ट कर दिया गया। इस बार कैफे मालिक ने अपने कैफे का नाम बदल दिया।
आबकारी विभाग को गुमराह करने के लिए बीच-बीच में लाइसेंस लेता था, मगर इसी बीच बिना लाइसेंस के भी शराब पिलाता था। रात भी छापेमारी के दौरान बिना लाइसेंस के शराब का सेवन कराते हुए पाया गया। साथ ही लाइसेंस लेने के बाद 12 बजे तक शराब का सेवन कराने का नियम है, जबकि यहां पर 12 बजे के बाद भी शराब का सेवन कराया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान कैफे संचालक फरार हो गया। इंदिरापुरम और कौशांबी क्षेत्र के होटल, बार, रेस्टोरेंट और ढाबों की जांच लगातार की जा रही है। कार्रवाई के साथ इनकी निगरानी के लिए देर रात छापेमारी की जाती है।
जिला आबकारी अधिकारी ने जनपद के सभी होटल, रेस्टोरेंट, बार, ढाबा संचालकों को साफ चेतावनी देते हुए कहा कि बिना ऑकेजनल बार लाइसेंस के शराब परोसते मिले तो कार्रवाई की जाएगी। इसमें नीति के अनुसार एक साल की जेल व मौके पर ही तय एक्साइज ड्यूटी के अनुसार जुर्माने की राशि वसूल जाएगी। आबकारी नीति के अनुसार ऑकेजनल आबकारी लाइसेंस का रजिस्ट्रेशन व फीस तय है। जिसमें किसी बारात या जन्मदिन पार्टी में शराब पिलाने के इच्छुक व्यक्ति को ऑकेजनल लाइसेंस की फीस चुकानी होगी। इसके अलावा यही नियम ढाबों पर भी लागू होगा। पकड़े जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई और जुर्माना दोनों किया जाएगा। बिना लाइसेंस के शराब पिलाने वाले वालों पर कार्रवाई के लिए टीम गठित कर दी गई है और मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय कर दिया है। विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।















