लोकतंत्र में जनता की आवाज को लठतंत्र से दबाया नही जा सकता: इन्द्रजीत सिंह टीटू
गाजियाबाद। कृषि पर आधारित तीन अध्यादेश का विरोध कर रहे किसानों पर किए गये लाठीचार्ज का विरोध करते हुए राष्ट्रीय लोकदल राष्ट्रीय प्रवक्ता इद्रजीत सिंह टीटू ने केंद्र की सरकार पर जबरदस्त हमला बोला है।
किसानों पर लाठीचार्ज को घोर पाप की संज्ञा दी है। जिस तरह से अन्य दाताओं को बीच सड़क पर लाठियों से पीटा जा रहा है यह बेहद शर्मनाक है और ऐसा देश के इतिहास में पहला कभी नहीं हुआ। उनका कहना है कि किसान शांतिपूर्ण ढंग से अपने मांगें रखने के लिए जा रहे थे। उन्हें रास्ते में रोकना और उन पर लाठीचार्ज करना गलत हैं। किसानों के साथ किए गए व्यवहार की जितनी भी निंदा की जाए कम है। सरकार ने किसानों के साथ दमनकारी नीति अपनाई है। इद्रजीत सिंह टीटू ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हरियाणा पुलिस द्वारा सिंधु सीमा पर आंदोलनकारी पंजाब के किसानों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें और आंसू गैस का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार की खिंचाई की और कहा कि किसान विवादित कृषि कानूनों का विरोध करने के लिए दिल्ली तक मार्च करने के लिए निकले थे लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार ने किसानों को रास्ते में ही रोकना चाहा, आखिर केंद्र की भाजपा सरकार किसानों का दुख-दर्द सुनने से क्यों पीछे हट रही है। किसानों की आवाज को दबाना लोकतंत्र की हत्या है। सरकार ने किसानों पर लाठीचार्ज करके उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया है, लेकिन किसान वर्ग कमेरा वर्ग है। सरकार को उनकी मांगें पूरी करते हुए अध्यादेश को वापस लेने की घोषणा करनी चाहिए। यदि सरकार किसानों की मांगों को पूरा नहीं करती है तो राष्ट्रीय लोकदल किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलकर लड़ाई लड़ेगी। उन्होने कहा कि कृषि कानूनों पर किसानों की आवाज सुनने के बजाय भाजपा सरकार ठंड के मौसम में उन पर पानी की बौछारें कर रही है। किसानों से सब कुछ छीना जा रहा है और सरकार बैंकों से ऋण छूट, हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन पूंजीपतियों को दे रही है। गौरतलब है कि किसान दिल के खिलाफ पूरे पश्चिम उत्तर प्रदेश हरियाणा दिल्ली और पंजाब में किसान लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं जिसके बाद राजनैतिक सरगर्मियां भी तेज हो गई हैं।














