आईटीएस मोहन नगर में सात दिवसीय एनएसएस शिविर संपन्न

-छात्रों में समाज सेवा और व्यक्तित्व विकास की भावना को किया प्रोत्साहित
-समाज सेवा से छात्रों को मिलती है नई दिशा: सुनील पाण्डेय

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। आईटीएस मोहन नगर (स्नातक परिसर) की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा 18 मार्च 2025 से प्रारंभ हुए सात दिवसीय शिविर का समापन सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर आईटीएस- द एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन डॉ. आर.पी. चड्ढा एवं वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा ने एनएसएस शिविर की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना से जुडऩे वाला हर विद्यार्थी श्रम का महत्व समझता है और अपने व्यक्तित्व को निखारता है। आईटीएस के निदेशक (स्नातक परिसर) डॉ. सुनील कुमार पाण्डेय ने कहा कि एनएसएस के माध्यम से छात्रों में समाज सेवा की भावना विकसित होती है और उनका व्यक्तित्व निखरता है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में, बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में। मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

उन्होंने समाज में फैली बुराइयों को दूर करने के लिए एकजुट होने की अपील की और कहा कि छात्रों को शिविर में सीखी गई बातों को जीवन में उतारना चाहिए। वाइस प्रिंसिपल प्रो. नैंसी शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना छात्र-छात्राओं के चौमुखी विकास के लिए एक प्रभावी मंच है। उन्होंने कहा कि एनएसएस के कार्यक्रम युवाओं को सामाजिक मूल्यों के प्रति संवेदनशील बनाते हैं और उन्हें समाज सेवा के प्रति जागरूक करते हैं। सात दिवसीय एनएसएस शिविर में कई समाजोपयोगी गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें शामिल हैं। वसुंधरा में गरीब बच्चों और उनके परिवारों को भोजन वितरण (अभियान- आओ मिलकर भूख मिटाएं), वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान, झुग्गी एवं वंचित वर्ग के बच्चों के लिए शैक्षणिक शिविर, संगीत समारोह एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इस शिविर के समन्वयक प्रो. अमित शर्मा ने बताया कि छात्रों ने समाज सेवा के क्षेत्र में प्रशंसनीय योगदान दिया। इस कार्यक्रम में संस्था के शिक्षक, कर्मचारी और बीबीए एवं बीसीए के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। यह एनएसएस शिविर छात्रों के लिए समाज सेवा, नैतिक मूल्यों और व्यक्तिगत विकास का एक अनूठा अनुभव साबित हुआ। ऐसे शिविर युवाओं को समाज की बेहतरी के लिए कार्य करने और सामाजिक समस्याओं के प्रति जागरूक बनने की प्रेरणा देते हैं।