प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने 9 राज्यों में छापे मारे
नई दिल्ली। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का शिकंजा कस रहा है। पीएफआई और उसके कथित सदस्यों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग प्रकरण में जांच चल रही है। इस सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने देश के 9 राज्यों में 26 स्थानों पर सघन छापेमारी की है। यह कार्रवाई दिल्ली और उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों हुई हिंसा के मामलों के संबंध में की गई है। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर दिल्ली हिंसा के अलावा उत्तर प्रदेश में सीएए विरोधी प्रदर्शन केदरम्यान हिंसा भड़काने का आरोप है। वित्तीय जांच एजेंसी की टीमें पीएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओएमए अब्दुल सलाम और मलप्पुरम में राष्ट्रीय सचिव नसरुद्दीन एलाराम के आवास पर मौजूद हैं। ईडी की कोच्चि टीम तिरुवनंतपुरम के पूनतुरा में पीएफआई नेता अशरफ मौलवी के आवास पर भी है। ईडी टीम केरल में कोच्चि, मल्लापुरम, त्रिवेंद्रम में पीएफआई सदस्यों से जुड़े स्थानों पर छापेमारी कर रही है। इसके अलावा तमिलनाडु में तेनकासी, मदुरै, चेन्नई में, पश्चिम बंगाल में कोलकाता, मुर्शिदाबाद, कर्नाटका में बेंगलुरु, दिल्ली में शाहीन बाग, उत्तर प्रदेश में लखनऊ, बाराबंकी, बिहार में दरभंगा और पूर्णिया, महाराष्ट्र में औरंगाबाद और राजस्थान में जयपुर में छापेमारी की गई है। ईडी ने जांच-पड़ताल के दौरान कुछ महत्वपूर्ण सबूत जुटाए हैं, जिसमें पीएफआई को विदेशी माध्यम से भारी धनराशि मिली थी। इस धनराशि को बाद में कथित तौर पर हिंसा के लिए प्रयोग किया गया था। एजेंसी ने पहले भी पीएफआई सदस्यों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच के संबंध में कई व्यक्तियों के बयान दर्ज किए थे। दिल्ली में भड़की हिंसा और उत्तर प्रदेश में सीएए के विरोध में प्रदर्शन के बाद शीर्ष जांच एजेसियों के निशाने पर पीएफआई आ गई थी। दिल्ली में कई दिनों तक हिंसक विरोध-प्रदर्शन देखने को मिले थे। आरोप है कि वहां का माहौल बिगाडऩे के पीछे पीएफआई ने साजिश रची थी।















