– मुख्यमंत्री ने इंदिरापुरम में लॉन्च किया जीडीए का ‘पब्लिक एक्सेस फॉर हाउसिंग एंड प्रॉपर्टी एलॉटमेंट लॉगिन’
– अब संपत्ति भुगतान, किस्त पुनर्निर्धारण, नामांतरण, रजिस्ट्री स्लॉट बुकिंग समेत तमाम सेवाएं ऑनलाइन
– जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स की पहल को सीएम ने बताया ‘डिजिटल युग की दिशा में उल्लेखनीय कदम’
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जीडीए के पहल पोर्टल की प्रशंसा करते हुए कहा कि आवंटियों के लिए यह सफल प्रयास है। उन्होंने जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स की तारीफ करते हुए आवंटियों के लिए पहल पोर्टल की शुरूआत कर अच्छा प्रयास किया गया। गुरूवार को इंदिरापुरम स्थित कैलाश मानसरोवर भवन में मुख्यमंत्री योगी ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण(जीडीए)के पब्लिक एक्सेस फॉर हाउसिंग एंड प्रॉपर्टी एलॉटमेंट लॉगिन (पहल) पोर्टल का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने इस मौके पर मंत्री, विधायकों और जिले के अधिकारियों के बीच जीडीए के पहल पोर्टल की प्रसंशा की। मुख्यमंत्री को जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने अवगत कराया कि डिजिटल क्षेत्र की दुनिया में पहल पोर्टल विकास के नए-नए आयाम स्थापित कर रहा है। पहल पोर्टल से हाल ही में नागरिकों और आवंटियों के हित को ध्यान में रखते हुए शुरुआत की गई।इसके शुरू होने के बाद 1.40 लाख से अधिक आवंटियों के लिए एक नई सुविधा उपलब्ध हैै। जो सिंगल विंडों सिस्टम की तरह डिजिटल है। इसके जरिए अब संपत्ति का भुगतान, लेजर रिपोर्ट देखने, किस्तों का पुर्ननिधारण समेत अन्य एक ही क्लिक पर उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि पोर्टल के माध्यम से आवंटियों द्वारा अपने निकटत्तम बैंक शाखाओं के माध्यम से किस्तों का भुगतान के रूप में अब तक 161.22 करोड़ रुपए की धनराशि जमा कराई जा चुकी हैं। संपत्तियों में नाम संशोधन से जुड़े 97 प्रकरणों में आवेदन किया गया। इनमें से 83 प्रकरणों में जीडीए ने मंजूरी दी है। इसमें आवंटन पत्र और अदेयता प्रमाण पत्र भी आवंटी स्वयं डाउनलोड कर सकते हैं। क्यूआर कोड के जरिए ऑनलाइन सत्यापन की सुविधा,करेक्शन प्रिविलेज के तहत स्वयं ही कर सकते हैं। इससे रिकॉर्ड में सुधार। किस्तों का समय से भुगतान के लिए स्मार्ट डिजिटल चालान सुविधा। रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन स्लॉट बुक करने के लिए अपने समय के अनुसार तारीख स्वयं निश्चित कर सकते हैं। बैंक से लोन के लिए बंधक अनुमति पत्र तथा संपत्तियों के नामांतरण (म्यूटेशन) भी ऑनलाइन हो गया है। इससे समय पर किस्त की जानकारी और डिफॉल्ट पर रिमाइंडर आवंटी तक पहुंचेगा। रियल टाइम अकाउंट अपडेट के साथ भुगतान का रिकॉर्ड सीधे लेखा अनुभाग में बिना किसी देरी और मानवीय हस्तक्षेप के होगा।
जीडीए के इतिहास में पहली बार बैंकिंग प्रक्रिया के अनुरूप किस्तों के पुर्ननिर्धारण की सुविधा प्रदान की जाएगी। जीडीए में पूर्व से प्रचलित संपत्ति प्रबंधन व्यवस्था के अंतर्गत आवंटियों को आवंटन पत्र भुगतान विवरण पत्र,बंधक अनुमति पत्र,लेखा गणना की जांच की कार्रवाई की जा रही है। वर्तमान में आवंटी द्वारा आवेदन करने पर कम से कम 60 दिनों में मांग पत्र निर्गत किया जाता है,जिसके बाद उक्त धनराशि जमा करने पर उसकी रसीद सत्यापन के लिए जीडीए में जमा करानी पड़ती है। जिसे लेखानुभाग से सत्यापन कराकर पत्रावली पर स्वीकृति के लिए परिचालित की जाती है। जीडीए उपाध्यक्ष के कुशल नेतृत्व में अब इन कार्यों के निष्पादन में जीडीए के लिपिकों का पत्रावलियों के परिचालन में काफी समय लगने की वजह से अब आवंटियों को उक्त कार्यों के लिए जीडीए के चक्कर नहीं लगाने पड़ते हैं। पहल पोर्टल के माध्यम से यह सभी कार्य अब घर बैठे डिजिटल के माध्यम से आवंटियों को सभी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। यह डिजिटल पहल पोर्टल आमजन के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।
















