• कोयल एन्क्लेव योजना में 22.50 करोड़ की लागत से विकसित होगा 22,700 वर्गमीटर में भव्य पार्क
• रामायण के 45 कलात्मक प्रतिष्ठान और 15 मूर्तियाँ बनेंगी मुख्य आकर्षण
• 5डी मोशन थिएटर और लाइट-एंड-साउंड शो देंगे आधुनिक अनुभव
• 10 साल तक चयनित एजेंसी करेगी पार्क का संचालन व रखरखाव
• गाजियाबाद की सांस्कृतिक धरोहर को मिलेगा नया आयाम, पर्यटन को बढ़ावा
• उपाध्यक्ष अतुल वत्स के नेतृत्व में जीडीए ने शुरू किया ऐतिहासिक प्रोजेक्ट
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने शहर की पहचान को सांस्कृतिक और पर्यटन की दिशा में एक नया आयाम देने का काम शुरू कर दिया है। कोयल एन्क्लेव योजना में 22.50 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाला रामायण थीम पार्क अब धरातल पर उतरने लगा है। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने इसे गाजियाबाद का आगामी ‘सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र’ बताते हुए कहा कि पार्क के बनकर तैयार होने के बाद न सिर्फ शहरवासियों को बल्कि पूरे एनसीआर को एक नया और भव्य पर्यटन स्थल मिलेगा। रामायण थीम पार्क का निर्माण 22,700 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में किया जा रहा है। पार्क में रामायण के प्रमुख पात्रों की 15 भव्य मूर्तियां और कुल 45 कलात्मक प्रतिष्ठान स्थापित किए जाएंगे। इन प्रतिष्ठानों के जरिए भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान सहित रामायण के प्रमुख प्रसंगों को जीवंत स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
सिर्फ मूर्तियों तक सीमित न रहकर इस पार्क को आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है। पार्क में आने वाले लोग 5डी मोशन चेयर थिएटर और लाइट एंड साउंड शो के जरिये रामायण की कहानियों को जीवंत होते देख सकेंगे। इससे बच्चों और युवाओं को इतिहास और धर्मग्रंथों की कहानियां आधुनिक अंदाज में समझने का मौका मिलेगा। शुक्रवार को जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह, प्रभारी चीफ इंजीनियर आलोक रंजन, और उद्यान प्रभारी संजीव कुमार ने निर्माण स्थल का दौरा किया। अधिकारियों ने कार्य की गुणवत्ता, डिजाइन और प्रगति की समीक्षा की। इसके साथ ही साहिबाबाद के राजेंद्र नगर स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया पार्क का भी निरीक्षण किया गया। वहां पार्क के सुदृढ़ीकरण और नए स्वरूप पर चर्चा की गई।
संचालन और देखरेख के लिए एजेंसी का चयन
रामायण थीम पार्क के संचालन और अनुरक्षण को लेकर जीडीए ने पहले ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसमें तीन एजेंसियों ने जीडीए सभागार में अपने-अपने प्रेजेंटेशन दिए। इसके बाद चयनित एजेंसी को 10 साल तक संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई है। इस व्यवस्था से पार्क की देखरेख लंबे समय तक व्यवस्थित ढंग से हो सकेगी।
अतुल वत्स का विजन: संस्कृति के साथ पर्यटन को मिले बढ़ावा
जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने कहा कि यह पार्क सिर्फ एक मनोरंजन स्थल नहीं होगा, बल्कि लोगों को हमारी संस्कृति, परंपरा और धार्मिक धरोहर से जोड़ने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि रामायण थीम पार्क गाजियाबाद और एनसीआर के लिए धार्मिक आस्था और आधुनिक पर्यटन का केंद्र बनेगा। यहां लोगों को सांस्कृतिक जागरूकता के साथ मनोरंजन का नया अनुभव मिलेगा। हमारा उद्देश्य गाजियाबाद को एक नई पहचान देना है। गाजियाबाद में बनने वाला रामायण थीम पार्क न केवल जिले बल्कि पूरे एनसीआर के लिए गौरव का विषय होगा। इससे शहर को एक नई सांस्कृतिक पहचान मिलेगी और साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। पार्क के निर्माण से स्थानीय रोजगार, पर्यटन कारोबार और गाजियाबाद की ब्रांडिंग को नई दिशा मिलेगी।

जीडीए उपाध्यक्ष (वीसी)
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का प्रयास है कि शहरवासियों को न केवल आधुनिक सुविधाएँ मिलें बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर भी संरक्षित और प्रस्तुत हो। रामायण थीम पार्क इसी दिशा में एक अभिनव कदम है। यहाँ आने वाले लोग न सिर्फ मनोरंजन करेंगे बल्कि हमारी परंपरा और इतिहास से भी जुड़ेंगे। पार्क में आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर युवाओं और बच्चों को भी भारतीय संस्कृति का जीवंत अनुभव कराया जाएगा। हमें विश्वास है कि यह पार्क गाजियाबाद और एनसीआर के पर्यटन नक्शे पर एक नई पहचान बनाएगा।
अतुल वत्स
जीडीए उपाध्यक्ष
















