उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। जनपद में कोविड-19 (कोरोना वायरस) का प्रकोप बरकरार है। कोविड-19 प्रोटोकॉल का ठीक तरीके से पालन न होने के कारण यह महामारी निरंतर नागरिकों को अपनी चपेट में ले रही है। घरों से बाहर निकलने पर नागरिक निरंतर लापरवाही बरत रहे हैं। मास्क का प्रयोग और दो गज की दूरी के नियम का गंभीरता के साथ पालन नहीं किया जा रहा। नतीजन जिलेभर में कोरोना पॉजिटिव केस की संख्या 7 हजार से ज्यादा हो चुकी है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की अपील को दरकिनार कर नागरिक बाजारों में खरीदारी करने पहुंच रहे हैं। निजी प्रतिष्ठानों में भी जरूरी बातों का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। निर्धारित नियमों का पालन कराने में सरकारी तंत्र भी सख्त कदम नहीं उठा सका है। जिले में रविवार को कोरोना संक्रमण की चपेट में 116 मरीज और आए हैं संक्रमण मुक्त हुए 152 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। अब जिले में सक्रमित मरीजों की संख्या 7241 हो गई है। इसमें से 6069 स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज हो चुके हैं जबकि 1105 मरीजों का होम आइसोलेशन एवं अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है संक्रमण की चपेट में आने से अब तक 67मौत की पुष्टि प्रशासन ने की है।
वहीं जिले में बनाए गए कोविड एल-3 अस्पताल में कोरोना संक्रमितों का मौत का प्रतिशत पांच तक पहुंच गया है। अस्पताल में लगभग 550 मरीजों को भर्ती किया गया है और इनमें से 26 लोगों की मौत हो गई। अस्पताल में मरीजों के उपचार में लापरवाही बरतने की शिकायतें भी कई बार अधिकारियों को मिल चुकी हैं। कोरोना संक्रमण काल के शुरुआती दौर में ही जिले में कोरोना के गंभीर मरीजों के उपचार के लिए पुराना बस अड्डा चौराहे पर स्थित संतोष अस्पताल को कोविड एल-3 बनाया गया था। अस्पताल में 400 बेड होने का दावा किया जाता है, जबकि अस्पताल में महज 20 ही वेंटीलेटर वाले बेड हैं। इसके अलावा अस्पताल में आए दिन भर्ती मरीजों के उपचार में लापरवाही बरते जाने की शिकायतें भी अधिकारियों को मिलती रहती हैं। शिकायतों के चलते ही जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने अस्पताल का निरीक्षण भी किया था और संतोष अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्थाओं में सुधार करने के साथ जिले के अधिकारियों को भी जमकर फटकार लगाई थी। इसके बावजूद व्यवस्थाओं में किसी तरह का सुधार नजर नहीं आया। जिले में अभी तक 67 लोगों की कोरोना से मौत हुई है, जिसमें 62 से ज्यादा मरीज अन्य बीमारियों से ग्रसीत थे। इसमें मरने वाले सभी मरीज एल-3 श्रेणी के हैं। स्वास्थ्य आंकड़ों के अनुसार जिले के 33 कोरोना संक्रमित की मौत मेरठ के अस्पतलों में हुई है। दो की नोएडा और दो मरीजों ने दिल्ली में दम तोड़ा। इसके अलावा 30 लोगों की जान जिले के अस्पतालों में हुई है। इसमें केवल दो निजी और दो एममएजी अस्तपाल में हुई है। अन्य 26 मौत जिले के कोविड एल-3 संतोष मेडिकल अस्पताल में हुई है।
















