पुरानी पेंशन हमारा अधिकार, इसे लेकर अब निर्णायक संघर्ष होगा 

-ओपीएस बहाली और निजीकरण के विरोध में शिक्षकों-कर्मचारियों ने भरी हुंकार, जनजागरण गोष्ठी में एकजुटता का संदेश
-21 अगस्त की ‘ओपीएस तिरंगा यात्रा’ को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान, हर विद्यालय और कार्यालय से सहभागिता की अपील
– कर्मचारी हितों की अनदेखी अब नहीं होगी, संघर्ष को गांव-गांव तक पहुंचाएगा अटेवा: मनीष कुमार शर्मा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, निजीकरण की नीतियों और टीईटी व्यवस्था के विरोध में अटेवा, ब्लॉक लोनी द्वारा नवजीवन इंटर कॉलेज, फरुखनगर में सोमवार को जनजागरण एवं संपर्क गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारियों ने भाग लेकर पुरानी पेंशन बहाली के आंदोलन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया। गोष्ठी की अध्यक्षता मेरठ मंडल उपाध्यक्ष एस.पी. सिंह ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाचार्य नरेंद्र कुमार यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन ब्लॉक प्रवक्ता सुजीत कुमार मिश्रा ने किया। अटेवा गाजियाबाद के जिलाध्यक्ष मनीष कुमार शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि पुरानी पेंशन केवल एक आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि कर्मचारियों के सम्मान, सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि नई पेंशन व्यवस्था कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का भरोसा नहीं देती, इसलिए पुरानी पेंशन की बहाली तक आंदोलन लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अटेवा का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का समर्थन या विरोध करना नहीं, बल्कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना है।

संगठन गांव-गांव, विद्यालय-विद्यालय और प्रत्येक सरकारी कार्यालय तक पहुंचकर कर्मचारियों को जागरूक करेगा तथा उन्हें इस जनआंदोलन से जोड़ेगा। उन्होंने कहा कि 21 अगस्त को अंबेडकर पार्क, नवयुग मार्केट से जिला मुख्यालय तक आयोजित होने वाली  ‘ओपीएस तिरंगा यात्रा’ केवल एक रैली नहीं, बल्कि कर्मचारियों की एकजुटता और उनके अधिकारों की आवाज होगी। उन्होंने सभी शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों से अपील की कि वे दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर इस आंदोलन में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि सरकार तक कर्मचारियों की मांग प्रभावी ढंग से पहुंच सके। गोष्ठी को संबोधित करते हुए अटेवा के मुख्य सलाहकार प्रमोद कुमार बंसल ने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था कर्मचारियों के बुढ़ापे की सामाजिक सुरक्षा की सबसे मजबूत गारंटी है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन मिलना उनका अधिकार है और इसके लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली अत्यंत आवश्यक है।

मेरठ मंडल उपाध्यक्ष एस.पी. सिंह ने सभी शिक्षक एवं कर्मचारी साथियों से 21 अगस्त को आयोजित होने वाली  ‘ओपीएस तिरंगा यात्रा’ में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब तक कर्मचारी संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद नहीं करेंगे, तब तक उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा। लोनी ब्लॉक के संगठन मंत्री सुभाष यादव ने कहा कि एनपीएस और यूपीएस दोनों ही कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित नहीं बना सकतीं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कर्मचारियों के हित में एकमात्र स्थायी समाधान केवल पुरानी पेंशन योजना की बहाली है। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अनुराग यादव ने अटेवा के आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए कहा कि उनका संगठन हर स्तर पर कर्मचारियों के साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने 21 अगस्त की तिरंगा यात्रा तथा 25 सितंबर को लखनऊ में प्रस्तावित वाहन रैली में अपने संगठन की सक्रिय भागीदारी का भरोसा दिलाया। जिला कोषाध्यक्ष प्रदीप चौहान ने कहा कि किसी भी आंदोलन की सफलता के लिए संगठनात्मक एकता के साथ-साथ आर्थिक सहयोग भी आवश्यक होता है।

उन्होंने सभी सदस्यों से अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग कर संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान अटेवा लोनी ब्लॉक के संयुक्त मंत्री स्वर्गीय मनोज कुमार कुशवाहा के संगठन के प्रति योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। जिला कार्यकारिणी ने उनकी धर्मपत्नी को सम्मान-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इसके अलावा श्रीमती मीनू शर्मा को भी जंतर-मंतर पर एनपीएस विरोधी आंदोलन के दौरान दिए गए उनके प्रभावशाली साक्षात्कार और संगठन के प्रति सक्रिय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाचार्य नरेंद्र कुमार यादव को भी अटेवा परिवार की ओर से सम्मान-चिह्न प्रदान किया गया।

वहीं सर्वसम्मति से श्रीमती ग्रीष्मा सिंह को अटेवा लोनी ब्लॉक का संरक्षक मनोनीत किया गया। कार्यक्रम के संयोजक ब्लॉक अध्यक्ष पारस गोस्वामी, ब्लॉक प्रवक्ता सुजीत कुमार मिश्रा तथा संगठन मंत्री हिमांशु गुप्ता रहे। गोष्ठी में अटेवा एवं विभिन्न कर्मचारी संगठनों के अनेक पदाधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अंत में सभी उपस्थित साथियों ने पुरानी पेंशन बहाली, निजीकरण के विरोध और कर्मचारी हितों की रक्षा के लिए संगठन को मजबूत बनाने तथा आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दिलाने का सामूहिक संकल्प लिया।