-भारत-जर्मनी की संस्कृतियों का संगम बना नाटक, छात्रों ने अभिनय, नृत्य और संगीत से रचा एक अद्भुत मंचन
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शास्त्री नगर स्थित नेहरू वर्ल्ड स्कूल के सभागार में शनिवार को जर्मन नाटक ब्रिज ऑफ लाइट का भव्य मंचन उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर विद्यालय में ज्ञान, संस्कृति और कला का सुंदर संगम देखने को मिला। कक्षा आठ के लगभग 150 छात्रों ने इस नाटक में अपनी भागीदारी देकर कार्यक्रम को एक नई ऊँचाई प्रदान की। इस सांस्कृतिक समारोह की मुख्य अतिथि डिप्युटी हेड ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन, मिस एन्या सीरिएक्स अपने पति के साथ उपस्थित रहीं। मूल रूप से जर्मनी में जन्मी मिस सीरिएक्स अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न देशों की विदेश नीति में विशेष अनुभव रखती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की रचनात्मकता और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल भाषा सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाते हैं, बल्कि वैश्विक समझ और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की एग्जीक्यूटिव हेड सुश्री सुसन होम्स के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने कहा कि विदेशी भाषा का अध्ययन विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, सृजनात्मकता और दृष्टिकोण को विस्तारित करता है। उन्होंने छात्रों की लगन और तैयारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को वैश्विक नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
समारोह के आरंभ में विद्यार्थियों ने विद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें सत्र 2025-26 की उपलब्धियों और विद्यालय द्वारा किए गए शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रमिक प्रयासों का उल्लेख किया गया। रिपोर्ट ने विद्यालय की शैक्षिक उत्कृष्टता और समर्पण को उजागर किया। इसके बाद मंच पर प्रस्तुत हुआ बहुप्रतीक्षित जर्मन नाटक ब्रिज ऑफ लाइट- जो भारत और जर्मनी की संस्कृतियों के अद्भुत संगम को प्रदर्शित करता था। नाटक ने दर्शाया कि मानवता की असली पहचान संस्कृतियों के इस पुल में निहित है, जो विविधता में एकता का संदेश देता है। रंग-बिरंगे परिधानों, भावनात्मक संवादों और प्रभावशाली संगीत के माध्यम से विद्यार्थियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। छात्रों के नृत्य और संगीत प्रदर्शन ने समारोह में ऊर्जा भर दी। अभिभावकों और अतिथियों ने उत्साहपूर्वक तालियों की गडग़ड़ाहट से बच्चों का हौसला बढ़ाया।
विद्यालय के डायरेक्टर डॉ. अरुणाभ सिंह ने विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की प्रतिभा और परिश्रम इस बात का प्रमाण हैं कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है। नाटक, संगीत और नृत्य जैसे माध्यम बच्चों में आत्मविश्वास, संवेदनशीलता और टीमवर्क का विकास करते हैं। उन्होंने उपस्थित अभिभावकों का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों की प्रगति में अभिभावकों की भागीदारी सबसे अहम है; आपका सहयोग ही उनकी उड़ान को दिशा देता है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर जूनियर स्कूल की प्रधानाचार्या पूनम गैरोला ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि हर भाषा विद्यार्थियों में रचनात्मकता, जिज्ञासा और वैश्विक दृष्टिकोण को विकसित करती है। उन्होंने छात्रों के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी हैं। ‘ब्रिज ऑफ लाइट’ के माध्यम से नेहरू वर्ल्ड स्कूल के छात्रों ने यह संदेश दिया कि दुनिया की सभी संस्कृतियाँ मानवता की डोर से जुड़ी हैं और यही डोर विश्व को एक उज्जवल भविष्य की ओर ले जाती है।















