-मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल की सख्ती, पूरे शहर में चल रहा विशेष निरीक्षण अभियान
-नियमों की अनदेखी पर नहीं मिलेगी राहत, भवन स्वामियों को चेतावनी-तुरंत सुधार करें इंतजाम
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए लापरवाह भवन स्वामियों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश अग्नि निवारण एवं अग्नि सुरक्षा अधिनियम-2022 के तहत चल रहे इस विशेष अभियान में अब तक कई भवनों का निरीक्षण किया जा चुका है, जिसमें गंभीर खामियां पाए जाने पर सात प्रमुख भवनों के खिलाफ माननीय न्यायालय में वाद दाखिल किए गए हैं। विभाग की इस कार्रवाई से शहर के व्यावसायिक और आवासीय भवनों में हड़कंप मचा हुआ है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान के तहत शहर के बैंक्वेट हॉल, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी, फार्म हाउस और अन्य बड़े प्रतिष्ठानों की लगातार जांच की जा रही है। निरीक्षण के दौरान जिन भवनों में अग्नि सुरक्षा के सभी मानक पूर्ण पाए गए, उन्हें अपने उपकरणों को नियमित रूप से कार्यशील बनाए रखने के निर्देश दिए गए। वहीं, जिन स्थानों पर अग्निशमन यंत्रों की कमी, फायर एग्जिट का अभाव, अलार्म सिस्टम की खराब स्थिति या अन्य सुरक्षा खामियां पाई गईं, उन्हें तत्काल नोटिस जारी कर सुधार के निर्देश दिए गए।
इसके बावजूद कई भवन स्वामियों द्वारा विभागीय नोटिसों को गंभीरता से नहीं लिया गया और समयसीमा के भीतर सुधार नहीं किए गए। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए अग्निशमन विभाग ने सात भवनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इन भवनों में ग्रैंड पेटल बैंक्वेट हॉल, वोल्गा पैलेस एवं भज गोविंदम बैंक्वेट हॉल, ट्रिनिटी बैंक्वेट हॉल, प्रीतम फार्म हाउस एवं वेलवेट, केडीपी ग्रैंड सवाना, सेवियर ग्रीन सिटी और रिवर हाइट जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। विभाग के अनुसार इन सभी स्थानों पर अग्नि सुरक्षा के आवश्यक प्रावधानों की अनदेखी की गई थी, जो किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती थी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनपद में किसी भी कीमत पर लोगों की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती। उन्होंने कहा कि अग्नि सुरक्षा केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रत्येक भवन स्वामी की जिम्मेदारी है। यदि कोई व्यक्ति या संस्था इस जिम्मेदारी को निभाने में विफल रहती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि विभाग का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि जागरूकता बढ़ाना और दुर्घटनाओं को रोकना है। राहुल पाल की कार्यशैली को लेकर विभाग के अंदर और बाहर दोनों जगह चर्चा है। उनकी निगरानी में निरीक्षण अभियान तेज, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से संचालित हो रहा है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या दबाव में आए बिना नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए। यही कारण है कि हाल के दिनों में विभाग की कार्रवाई अधिक सख्त और परिणामदायक दिखाई दे रही है। अग्निशमन विभाग ने सभी भवन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने-अपने भवनों में अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म, आपात निकास मार्ग, पानी की पर्याप्त व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपायों को तत्काल दुरुस्त कर लें।
साथ ही समय-समय पर इनकी जांच भी कराते रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में इनका सही उपयोग किया जा सके। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और आने वाले दिनों में और अधिक भवनों का निरीक्षण किया जाएगा। जिन स्थानों पर भी अग्नि सुरक्षा मानकों में कमी पाई जाएगी, वहां बिना किसी देरी के नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर न्यायालय में वाद दाखिल कर दंडित कराया जाएगा। इस सख्त कार्रवाई से जहां एक ओर भवन स्वामियों में जागरूकता बढ़ रही है, वहीं आम नागरिकों में भी सुरक्षा को लेकर विश्वास मजबूत हो रहा है।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी
जनपद में अग्नि सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी भवन स्वामियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने प्रतिष्ठानों में अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म, आपात निकास मार्ग सहित सभी सुरक्षा व्यवस्थाओं को पूर्ण रूप से दुरुस्त रखें। जिन भवनों में बार-बार नोटिस के बावजूद सुधार नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए न्यायालय में वाद दाखिल कराया जाएगा। विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता बढ़ाना और संभावित हादसों को रोकना है, इसलिए निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा और लापरवाही करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
राहुल पाल
मुख्य अग्निशमन अधिकारी















