- कुल बजट में से 8,000 करोड़ रुपये केवल भूमि खरीद के लिए निर्धारित किए गए
- बोर्ड ने बजट के साथ ही विभिन्न श्रेणियों की आवंटन दरों में 3.58 प्रतिशत की वृद्धि को भी मंजूरी दी
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 11,811 करोड़ रुपये का बजट पास कर दिया है, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा जमीन खरीद पर खर्च करने का प्रावधान रखा गया है। प्राधिकरण के बोर्ड ने इस बजट के साथ ही विभिन्न श्रेणियों की आवंटन दरों में 3.58 प्रतिशत की वृद्धि को भी मंजूरी दे दी है, जो 1 अप्रैल से लागू होगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की घोषित लोकार्पण तिथि के तुरंत बाद लिया गया यह फैसला यमुना सिटी क्षेत्र में रियल एस्टेट गतिविधियों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। शुक्रवार को आयोजित बोर्ड बैठक की अध्यक्षता प्राधिकरण के चेयरमैन आलोक कुमार ने की। बैठक में सीईओ आरके सिंह ने आगामी वित्तीय वर्ष की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए बताया कि कुल बजट में से लगभग 8,000 करोड़ रुपये केवल भूमि खरीद के लिए निर्धारित किए गए हैं। यह राशि इस बात का संकेत है कि प्राधिकरण आने वाले समय में बड़े पैमाने पर भूमि बैंक तैयार करने की रणनीति पर काम कर रहा है, ताकि औद्योगिक, आवासीय और संस्थागत विकास को गति दी जा सके।
विकास कार्यों के लिए 2,011 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें बुनियादी ढांचे के निर्माण, सड़कों, सीवर, जलापूर्ति और अन्य शहरी सुविधाओं पर खर्च शामिल होगा। इसके अलावा, मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए 300 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं। यह निवेश खासतौर पर यमुना सिटी को एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और अन्य परिवहन नेटवर्क से जोडऩे के उद्देश्य से किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक संभावनाएं मजबूत होंगी। बैठक में एसीईओ शैलेन्द्र भाटिया, एसीईओ मनीष मीणा, एसीईओ राजेश कुमार, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के एसीईओ सुमित यादव, ओएसडी शैलेन्द्र सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना में प्राधिकरण की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए 502 करोड़ रुपये का प्रावधान भी बजट में शामिल है। यह राशि एयरपोर्ट के विकास और उससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
आवंटन दरों में 3.58 प्रतिशत की वृद्धि आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक और संस्थागत सभी श्रेणियों पर लागू होगी। हालांकि ट्रांसपोर्ट और मल्टीपल लैंड यूज की दरों को अंतिम रूप देने के लिए अलग-अलग समितियों का गठन किया गया है, जिनकी रिपोर्ट अगली बोर्ड बैठक में प्रस्तुत की जाएगी। इसके अलावा, प्राधिकरण ने राया अर्बन सेंटर के तहत प्रस्तावित हेरिटेज सिटी प्रोजेक्ट में आंशिक संशोधन की भी मंजूरी दी है। वहीं, जेवर क्षेत्र में होंडा इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से ट्रैफिक पार्क और ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, जिसका निर्माण सीएसआर फंड से किया जाएगा। यह बजट यमुना प्राधिकरण की दीर्घकालिक विकास रणनीति को दर्शाता है, जिसमें भूमि अधिग्रहण, कनेक्टिविटी और एयरपोर्ट आधारित विकास को केंद्र में रखा गया है। इससे आने वाले वर्षों में यमुना सिटी को एक प्रमुख आर्थिक और शहरी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की उम्मीद है।
• 1 अप्रैल से आवंटन दरों में 3.58% की बढ़ोतरी लागू होगी, जिससे रियल एस्टेट बाजार पर असर पडऩे की संभावना।
• नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास के लिए 502 करोड़ रुपये का प्रावधान, एयरपोर्ट आधारित विकास को मिलेगा बढ़ावा।
• इन्फ्रास्ट्रक्चर और विकास कार्यों के लिए 2,011 करोड़ रुपये, जबकि कनेक्टिविटी सुधार हेतु 300 करोड़ अलग से निर्धारित।
• जेवर क्षेत्र में ट्रैफिक पार्क और ट्रेनिंग सेंटर बनेगा, साथ ही राया अर्बन सेंटर के हेरिटेज सिटी प्रोजेक्ट में संशोधन को मंजूरी।

















