उदय भूमि संवाददाता
नोएडा। नोएडा अथॉरिटी के सीईओ कृष्णा करुणेश ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है। अवैध निर्माण में संलिप्तता के आरोप में वर्क सर्कल-10 के प्रभारी और सीनियर मैनेजर केवी सिंह को हटाकर उन्हें मूल विभाग भेज दिया गया है। वहीं, डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था में लापरवाही बरतने पर कंपनी पर 10 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। सीईओ की इस कार्रवाई से अथॉरिटी में हड़कंप है।
नोएडा में अवैध निर्माण के मामलों को लेकर प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया है। अथॉरिटी के सीईओ को वर्क सर्कल-10 क्षेत्र में लगातार अवैध निर्माण की कई शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सीईओ के निर्देश पर पूरे मामले की जांच कराई गई, जिसमें संबंधित अधिकारियों की भूमिका भी खंगाली गई। जांच के दौरान वर्क सर्कल-10 के प्रभारी और सीनियर मैनेजर केवी सिंह की भूमिका संदिग्ध पाई गई। रिपोर्ट में सामने आया कि क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण को रोकने में लापरवाही बरती गई, जिससे बिना अनुमति के कई निर्माण कार्य जारी रहे। इस पर प्राधिकरण ने तत्काल कार्रवाई करते हुए केवी सिंह को उनके मूल विभाग सेतु निगम वापस भेज दिया है। केवी सिंह प्रतिनियुक्ति पर नोएडा अथॉरिटी में तैनात थे। नोएडा अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि शहर में अवैध निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीईओ ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। इस कार्रवाई से यह संदेश दिया गया है कि लापरवाही या मिलीभगत करने वाले अधिकारियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
नोएडा में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाली कंपनी के खिलाफ प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई की है। नोएडा अथॉरिटी के सीईओ कृष्णा करुणेश के निर्देश पर घर-घर जाकर कूड़ा उठाने का काम कर रही कंपनी मैसर्स एजी एनवीरो इंफ्रा प्रॉजेक्ट प्रालि पर 10 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। शहर में कूड़ा उठाने और सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। कई क्षेत्रों में समय पर कूड़ा नहीं उठाया जा रहा था, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था और स्वच्छता व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण ने जांच कराई, जिसमें कंपनी की कार्यप्रणाली में खामियां पाई गईं।जांच रिपोर्ट के आधार पर सीईओ के निर्देश पर कंपनी पर आर्थिक दंड लगाया गया। प्राधिकरण ने साफ किया है कि शहर की सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों ने कंपनी को चेतावनी भी दी है कि भविष्य में कार्य में सुधार नहीं होने पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें अनुबंध समाप्त करने तक के कदम शामिल हो सकते हैं। नोएडा अथॉरिटी का कहना है कि शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए सभी एजेंसियों की जवाबदेही तय की जा रही है।















